बीजेपी देश को बांटने की राजनीति कर रही है लेकिन कामयाब नहीं होगी: सचिन पायलट

सचिन पायलट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला है. नागरिकता रजिस्टर जैसे मुद्दे असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है. 

बीजेपी देश को बांटने की राजनीति कर रही है लेकिन कामयाब नहीं होगी: सचिन पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि BJP अब NPA को बीच में लाकर जनता को गुमराह कर रही है.

जयपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने 28 दिसंबर को जयपुर में होने वाले फ्लैग मार्च की तैयारियों को लेकर बुद्धवार को पीसीसी में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ली. बैठक में सचिन पायलट ने कांग्रेस नेताओं को बड़ी संख्या में 28 दिसंबर को कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं. 

बता दें कि, 28 दिसंबर को पीसीसी चीफ सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के सभी मंत्री विधायक और पार्टी पदाधिकारी फ्लैग मार्च में शामिल होंगे. पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने एनआरसी, सीएए और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बात कही. 

साथ हीं, सचिन पायलट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला है. नागरिकता रजिस्टर जैसे मुद्दे असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है. पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले NRC लागू करने के लिए कहा, फिर मना करते हैं. बीजेपी CAA लागू कर देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं.

वहीं, सचिन पायलट ने यह भी कहा कि बीजेपी अब एनपीए को बीच में लाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है. भाजपा को जनता नकार रही है. भाजपा को झारखंड हार पर मंथन करना चाहिए. महाराष्ट्र में बाहर हो चुकी है. देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है, नौजवान बेरोजगार हैं. बीजेपी सरकार देश को बांटने की राजनीति कर रही है लेकिन कामयाब नहीं होगी.

गौरतलब है कि एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले रविवार को जयपुर में कांग्रेस सहित सात राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी की ओर से शांति मार्च का आयोजन हुआ. जयपुर के अल्बर्ट हॉल से लेकर महात्मा गांधी सर्किल तक करीब 3 किलोमीटर लंबा मौन जुलूस निकाला गया था. इस मौन जुलूस के जरिए देशभर के हिंसक प्रदर्शनों के बीच एक नजीर पेश करने की कोशिश भी की गई. देशभर को जयपुर की धरती से शांति का पैगाम दिया गया था.

कार्यक्रम के जरिए जहां समान विचारधारा के दलों ने सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर अपनी ताकत दिखाई, वहीं देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली ताकतों का पुरजोर विरोध भी किया गया, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ शब्दों में कह दिया कि राजस्थान में एनआरसी और सीएए को लागू नहीं होने दिया जाएगा.