डेगाना: CAA समर्थन में सर्व समाज की रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के समर्थन में रविवार को डेगाना कस्बे में विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से रैली निकालकर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.

डेगाना: CAA समर्थन में सर्व समाज की रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से रैली निकालकर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

डेगाना, नागौर: नागरिकता संशोधन अधिनियम(Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर(NRC) के समर्थन में रविवार को कस्बे में विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से रैली निकालकर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया.

रैली में युवाओं ने देशप्रेम से जुड़े नारे लगाए और अधिनियम के समर्थन में नाचते-गाते हुए प्रदर्शन किया. कई कार्यकर्ता तिरंगा लेकर जश्न मनाते नजर आये. नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के समर्थन में नगरपालिका के सामने से रैली रवाना हुई, जो सदर बाजार से होती हुई अजमेर चौराहे से उपखण्ड कार्यालय पहुंची. यहां पर देशहित से जुड़े नारे लगाकर प्रदर्शन किया गया. 

प्रदर्शन में कई संगठनों के सदस्य, सर्वसमाज के लोग भी शामिल हुए. रैली के दौरान भाजपा के पूर्व मंत्री अजय सिंह किलक, नगरपालिका अध्यक्ष राधाकिशन बिंदा ,भाजपा युवा शहर अध्यक्ष मूलाराम बेनीवाल सहित अन्य भाजपाई भी नजर आए. 

इस दौरान पूर्व मंत्री किलक ने कहा कि वह संसद के दोनों सदनों में पारित करवाए गए नागरिकता संशोधन बिल को कानून बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह को बधाई देते हैं. यह कानून भारत में हो रही घुसपैठ को रोकने में अहम भूमिका निभाने में कारगर साबित होगा. विरोध करना सभी का मौलिक अधिकार है, मगर कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस कानून का विरोध कर रहे हैं. 

रैली के बाद एसडीएम अशोक चौधरी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया. इस मौके पर तहसीलदार  सुरेन्द्र चौधरी, डिप्टी नमिता खोखर, सीआई रूपाराम चौधरी मय जाप्ता मौजूद रहे. 

आपको बता दें कि जयपुर में CAA के विरोध में रविवार को अल्बर्ट हॉल से लेकर गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकाला गया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत(CM Ashok Gehlot), पीसीसी चीफ सचिन पायलट सहित सभी मंत्री, विधायक अन्य दलों के नेताओं ने भी शांति मार्च में भाग लिया था. 

मुख्यमंत्री गहलोत(CM Ashok Gehlot) ने कहा था कि पूरे मुल्क में पिछले 7 दिन से जो कुछ हो रहा है, वो बहुत दुख:द है. पंद्रह लोग मर जाना यूपी के अंदर, ये क्या संदेश देता है देश को? जो सबसे बड़ा राज्य है देश का, वहां 15 लोग मर गए. अभी हम देखते हैं टीवी के अंदर, धमकाने वाली भाषा काम में ली जा रही है, प्रॉपर्टीज़ जब्त करेंगे. एनएसए में बंद करेंगे. क्या-क्या नहीं कहा जा रहा, ऐसे वक्त में जब आग लगी हुई हो तो पहले आग को शांत कैसे करें. आग को बुझाएं कैसे, वो करने की बजाय जिस रूप में स्टेटमेंट आ रहे हैं और हिंसा सिर्फ वहीं हो रही है, जहां बीजेपी शासित राज्य हैं. पूना के अंदर, मुंबई के अंदर, हैदराबाद के अंदर, वहां पर भी एक-एक लाख लोगों के जुलूस निकले हैं, कहीं हिंसा नहीं हुई है.