CAA को लेकर CM गहलोत ने की PM मोदी से अपील, लोगों की भावनाओं को समझें

इस अवसर पर CAA के खिलाफ शांति मार्च को लेकर भी गहलोत ने कहा कि ये कोई संख्या का सवाल नहीं है, ये सवाल है एक मैसेज देने का, वो मैसेज है शांति का, सद्भावना का भाईचारे का.

CAA को लेकर CM गहलोत ने की PM मोदी से अपील, लोगों की भावनाओं को समझें
सिर्फ तख्तियों पर लिखे संदेश के माध्यम से केंद्र सरकार तक बात पहुंचाई जा रही है.

जयपुर: पीसीसी में पूर्व मुख्यमंत्री हीरालाल देवपुरा की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पीसीसी चीफ सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने पुष्पांजलि अर्पित की. 

इस अवसर पर CAA के खिलाफ शांति मार्च को लेकर भी गहलोत ने कहा कि ये कोई संख्या का सवाल नहीं है, ये सवाल है एक मैसेज देने का, वो मैसेज है शांति का, सद्भावना का भाईचारे का, अहिंसा का. हमारा मार्च है शांति मार्च, ये पूरी तरह से मौन जुलूस के रूप में है कोई नारेबाजी नहीं. सिर्फ तख्तियों पर लिखे संदेश के माध्यम से केंद्र सरकार तक बात पहुंचाई जा रही है.

राजधानी जयपुर में CAA के खिलाफ अल्बर्ट हॉल से लेकर गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकाला गया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ सचिन पायलट सहित सभी मंत्री, विधायक अन्य दलों के नेताओं ने भी शांति मार्च में भाग लिया. मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पूरे मुल्क में पिछले 7 दिन से जो कुछ हो रहा है, वो बहुत दुख:द है. पंद्रह लोग मर जाना यूपी के अंदर, ये क्या संदेश देता है देश को? जो सबसे बड़ा राज्य है देश का, वहां 15 लोग मर गए. अभी हम देखते हैं टीवी के अंदर, धमकाने वाली भाषा काम में ली जा रही है, प्रॉपर्टीज़ जब्त करेंगे. एनएसए में बंद करेंगे. क्या-क्या नहीं कहा जा रहा, ऐसे वक्त में जब आग लगी हुई हो तो पहले आग को शांत कैसे करें. आग को बुझाएं कैसे, वो करने की बजाय जिस रूप में स्टेटमेंट आ रहे हैं और हिंसा सिर्फ वहीं हो रही है, जहां बीजेपी शासित राज्य हैं. पूना के अंदर, मुंबई के अंदर, हैदराबाद के अंदर, वहां पर भी एक-एक लाख लोगों के जुलूस निकले हैं, कहीं हिंसा नहीं हुई है.

सीएम गहलोत ने की अपील
सीएम गहलोत ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी से मैं अपील करना चाहूंगा, कृपा करके देश में जो कुछ हालात बन गए हैं. देशवासियों की भावनाओं को समझने की कोशिश करें. ये खाली माइनॉरिटीज का सवाल नहीं है, ये जो मैसेज गया हुआ है, मुस्लिमों के हिसाब से लोग सड़कों पर आ रहे हैं, बिल्कुल गलत है. हालात ये हैं कि छात्र चाहे वो किसी भी जाति का हो, किसी धर्म का हो, जामिया मिलिया से शुरु हुआ, पूरे देश में फैल गया क्योंकि ये जो कानून बनाए गए हैं, इसमें सिर्फ एक कौम को टार्गेट नहीं होगी. इसमें सभी धर्म के लोग, सभी जाति के लोग तकलीफ़ पाएंगे. जैसे आपके नोटबंदी के वक्त में पूरे मुल्क में लाइनें लगी थीं, 150 लोग मारे गए थे, तब भी मोदीजी घबरा गए थे, जैसे अभी घबराए हुए हैं. मोदी जी भी और अमित शाह जी भी और सफाई देते फिर रहे हैं. 

गहलोत ने कहा कि उस वक्त में भी मुझे याद है घबरा गए थे और ये कहा था मुझे सिर्फ भाइयों और बहनों 50 दिन दे दीजिए, 50 दिन में मैं सब ठीक कर दूंगा वरना मैं चौराहे पर आकर खड़ा हो जाऊंगा. आज हालात बहुत गंभीर बन गए हैं, मैं उनसे अपील करूंगा लोगों की भावनाओं को समझें, इसको निरस्त करें और ये विश्वास दिलाएं देश के लोगों को, अगर कोई अवैध शरणार्थी है, अवैध घुसपैठिए हैं, उस तक कार्रवाई सीमित करेंगे. उसमें देश में किसी को चाहे हिंदू है, चाहे मुस्लिम हैं, सिख है, चाहे ईसाई है, किसी को ऐतराज नहीं है, कोई ऐतराज नहीं होगा. ये घोषणा करें, जो अवैध घुसपैठिए आ गए हैं, उससे हमें चिंता है हम उसको रोकना चाहते हैं, पूरा मुल्क उनके साथ रहेगा.