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राजस्थान: CM वसुंधरा राजे ने राज्यपाल कल्याण सिंह को सौंपा इस्तीफा

बीजेपी की 2018 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद सीएम वसुंधरा राजे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

राजस्थान: CM वसुंधरा राजे ने राज्यपाल कल्याण सिंह को सौंपा इस्तीफा
बीजेपी की हार के बाद सीएम वसुंधरा राजे राज्यपाल कल्याण सिंह को इस्तीफा सौंपते हुए.

नई दिल्ली : राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्यपाल कल्याण सिंह को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. मुख्यमंत्री ने मंगलवार रात राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा है. राजे ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनादेश ना मिलने के कारण इस्तीफा देने की बात कही है.

बताया जा रहा है कि वसुंधरा राजे का त्याग पत्र राज्यपाल कल्याण सिंह ने स्वीकार कर लिया है. राज्यपाल ने उनसे नई सरकार गठन होने तक मुख्यमंत्री के पद पर कार्य करते रहने का अनुरोध किया है.

राजस्थान विधानसभा चुनाव के परिणामों के आने के बाद बीजेपी को राज्य विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. वैसे मंगलवार को राजस्थान के चुनाव परिणाम आने के बाद यह साफ हो गया कि बीजेपी को हार और कांग्रेस को ताज राज्य की जनता पहना चुकी है. वैसे राजे झालरापाटन सीट से राजे की अपनी सीट बचाने में कामयाब हुई है. राजस्थान निर्वाचन आयोग के वेबसाइट के अनुसार शाम 7 बजे तक बीजेपी 49 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है, वहीं 25 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.


इस्तीफा सौंपने राजभवन जा रही राजस्थान सीएम वसुंधरा राजे

आपको बता दें कि, राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 भारतीय जनता पार्टी(BJP) ने राजे के नेतृत्व में लड़ा है. 2013 के चुनाव में राज्य विधानसभा में पूर्ण बहुमत के साथ 163 सीटें जीतने वाली बीजेपी को 2018 के चुनाव के दौरान कांग्रेस से करारी हार का सामना करना पड़ा है.

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राजस्थान की राजनीति पांच साल में कितना बदल गई, ये विधानसभा चुनाव के रुझानों से समझा जा सकता है. राजस्थान में बीजेपी ने 2013 में 200 में 163 सीट जीती थीं. इस बार कांग्रेस ने लगातार बढ़त बना रखी है. यानी बीजेपी को राज्य में भारी नुकसान हो रहा है. राजस्थान में बीते दिनों हुए दो लोकसभा सीट और एक विधानसभा सीट के उप चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. इससे हवा का रुख बदलने का संकेत मिल गया था.

माना जा रहा है कि राजपूत फैक्टर,सचिन पायलट और अशोक गहलोत की जोड़ी, वसुंधरा राजे की महारानी वाली छवि और पार्टी नेताओं की बगावत के कारण बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.

इस बार राजपूत जाति के लोग वसुंधरा सरकार से काफी नाराज थे. चुनाव के दौरान राजपूत समाज के कई नेताओं ने बीजेपी का जमकर विरोध किया था. गैंगस्टर आनंदपाल सिंह रावणा राजपूत समाज से था और उसके गैंग के 70 प्रतिशत लोग राजपूत है. मुठभेड़ में उसकी हत्या के बाद राजपूत समाज की नाराजगी बढ़ गई. राजपूत बीजेपी का परंपरागत वोट बैंक है. उसके नाराज होने से बीजेपी परसेप्शन की लड़ाई चुनाव से पहले ही हार गई थी.

ANAND PAL ZEE NEWS के लिए इमेज परिणाम

वसुंधरा राजे की छवि भी बीजेपी की हार की एक वजह रही. राज्य में उनकी महारानी वाली छवि है. इसके अलावा यह भी माना जाता है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं और संगठन के लोगों के साथ भी उनका भावनात्मक जुड़ाव कम है.

वहीं राजस्थान में बीजेपी पिछले कई चुनावों से बगावत और भीतरघात का भी सामना कर रही थी. इस बार घनश्याम तिवाड़ी और मानवेंद्र सिंह के रूप में दो बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़ दी. घनश्याम तिवारी ने अपनी अलग पार्टी बनाई, जबकि मानवेंद्र कांग्रेस में शामिल हो गए.