बीकानेर में बर्फ की परतों से घिरी कार, छूट रही लोगों की धूजणी

सर्दी के सितम का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते कि रात को घरों से बाहर खड़ी गाड़ियों पर सुबह बर्फ की चादर जमी नजर आ रही है.

बीकानेर में बर्फ की परतों से घिरी कार, छूट रही लोगों की धूजणी
गर्म कपड़ों के साथ लोग खुद को सर्दी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

त्रिभुवन रंगा, बीकानेर: रेगिस्तान में सर्दी का सितम जमाव बिंदु पर पहुंच गया है. वाहनों पर बिछी बर्फ की चादरइस कदर है कि हालात ये बन गए कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया. 

सर्दी के सितम का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते कि रात को घरों से बाहर खड़ी गाड़ियों पर सुबह बर्फ की चादर जमी नजर आ रही है. ये नजारा है बीकानेर के नापासर कस्बे का, जहां घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों की बॉडी पर बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई दिखाई दे रही है. 

बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्रो में सर्दी का कहर से बचने के लिए ग्रामीण अलाव का सहारा ले रहे हैं. सर्दी के सितम ने सबसे ज्यादा प्रभावित रोजाना दहाड़ी करने वाले मजदूर हो रहे हैं. वहीं कोहरे के कारण वाहनो की रफ्तार थम सी गई है.
जी हां, ठंड पूरे देश में अपने चरम पर है. ऐसे में रेगिस्तानी इलाका बीकानेर में भी आज सुबह से घने कोहरे ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया. आज सुबह मानो पूरी तरह सर्दी के नाम हो, जहां विजिबिलिटी काफ़ी कम है. इसकी वजह से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में हाईवे पर चलने वाले लोगों को अपने वाहनों की हेडलाइट तक जलानी पड़ रही है.

गर्म कपड़ों के साथ लोग खुद को सर्दी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं लेकिन विजिबिलिटी कम होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी रोड पर चलने वाले वाहन चालकों को हो रही है क्योंकि ऐसे कोहरे में गाडियो की गति एक दम थम सी गई है, जहां गाड़ियां सड़कों पर रेंगती हुई चल रही हैं यानी पूरा रेगिस्तान ठंड और कोहरे की चपेट में है.

पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाको तक या हो रेगिस्तान सभी जगह सर्दी पूरी तरह अपने तेज पर है. ऐसे में मोसम विभाग की मानें तो दिसंबर का महीना ऐसे ही सर्द भरा रहने वाला है.