झुंझुनूं: ज्वैलर के घर में बंदूक की नोक पर डकैती, 40 लाख के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ

साल खत्म होते-होते झुंझुनूं पुलिस को डकैतों द्वारा एक और चुनौती मिल गई है. झुंझुनूं के सुलताना गांव में एक ज्वैलरी व्यवसायी के घर पर डकैती हुई है. 

झुंझुनूं: ज्वैलर के घर में बंदूक की नोक पर डकैती, 40 लाख के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ
परिवार को बंधक बनाया और डकैती की

झुंझुनूं: साल खत्म होते-होते झुंझुनूं पुलिस को डकैतों द्वारा एक और चुनौती मिल गई है. झुंझुनूं के सुलताना गांव में एक ज्वैलरी व्यवसायी के घर पर डकैती हुई है. पिस्तौल की नोक पर की गई इस डकैती में करीब 40 लाख रुपए के सोने, चांदी के जेवरात और नगदी शामिल है.

झुंझुनूं के सुलताना गांव में रविवार रात को पौने एक से दो बजे की बीच डकैती की घटना ने शहर में एक बार फिर सभी को हिलाकर रख दिया. इस घटना से ठीक साढ़े तीन माह पहले भी झुंझुनूं शहर में ज्वैलरी व्यवसायी के साथ दिन दहाड़े लूट हुई थी, जिसमें अभी मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर है. 

वहीं अब सुलताना गांव के पवन सोनी के घर पर हुई इस घटना को अंजाम देने के लिए करीब आधा दर्जन आरोपी घर में घुसे और सभी हथियारों से लैस थे, जिन्होंने पहले तो परिवार को बंधक बनाया और फिर एक घंटे में पूरे घर को खंगाल कर 700 ग्राम सोने के जेवरात, दो किलो चांदी के जेवरात और 15 लाख रुपए ले गए. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौका मुआयना किया है.

घटना के बाद सुबह पवन सोनी के घर पर ग्रामीणों का मेला लग गया. वहीं व्यापार मंडल में भी घटना को लेकर आक्रोश है. व्यापार मंडल ने मामले में पुलिस की नाकामियों पर सवाल उठाए हैं. वहीं बताया जा रहा है कि पहले भी सुलताना में पांच-छह चोरियां हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस एक का भी खुलासा नहीं कर पाई. अब इस घटना से ना केवल व्यापारी, बल्कि हर एक ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है. इसलिए उन्होंने बेमियादी बाजार बंद की घोषणा और जब तक इस मामले का खुलासा नहीं होता तब तक चौकी के सामने धरना देने की बात कही है.

घटना के बारे में जानकारी देते हुए पीड़ित पवन सोनी की बेटी कृष्णा ने बताया कि रात को करीब पौने एक बजे वह अपनी 10 माह की बेटी को दूध पिलाकर सोने की तैयारी में ही थी. अचानक कुछ युवक आए और उसके सामने पिस्तौल तान दी. इसके बाद एक-एक कर पूरे परिवार को उठाकर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और लूट की वारदात की. इनमें आरोपी युवक अलग-अलग तरह की बोली बोल रहे थे, जिनमें हरियाणवी, यूपी और बिहारी के अलावा स्थानीय भाषा के लोग शामिल थे. घर में घुसने वाले आरोपियों की संख्या छह थी, जिनमें से पांच के पास पिस्तौल तो एक के पास पेचकस और लोहे की रॉड थी. वहीं बातचीत के मुताबिक उनके कुछ साथी बाहर भी थे.

साल खत्म होते होते पुलिस के सामने डकैतों ने एक और बड़ी चुनौती दे दी है. वहीं इससे पहले 15 सितंबर को झुंझुनूं शहर में हुई दिन दहाड़े लूट के मामले में भी पुलिस को खुली चुनौती देने वाला आरोपी योगेश चारणवासी अभी फरार है. वहीं ये वारदात अब पुलिस की साख पर बट्टा लगाएगी.