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एकजुटता दिखाने के लिए हुई BJP की बैठक, लेकिन नेताओं को रास नहीं आया सैनी का भाषण

बीजेपी विधायक दल की रविवार की बैठक के दौरान 'पार्टी विथ द डिफरेंस' की पोल खुुल गई.

एकजुटता दिखाने के लिए हुई BJP की बैठक, लेकिन नेताओं को रास नहीं आया सैनी का भाषण
रविवार को जयपुर में विधायक दल की बैठक के दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी.

शशि मोहन, जयपुर: किसी भी पार्टी में उसके अध्यक्ष का पद सबसे बड़ा होता है. जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष होता है उसी तरह किसी प्रांत में प्रदेश अध्यक्ष की भी वही अहमियत होती है. लेकिन राजस्थान बीजेपी के विधायक दल की रविवार को हो रही बैठक के दौरान 'पार्टी विद द डिफरेंस' का दावा करने वाली बीजेपी के नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी के भाषण के दौरान जमकर टोकाटोकी की. 

प्रदेशाध्यक्ष सैनी के भाषण के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री ने की टोकाटोकी

रविवार को जयपुर में नेता प्रतिपक्ष के चुनाव के दौरान के बाद पार्टी के प्रमुख चेहरों ने नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद बीजेपी नेता गुलाबचंद कटारिया को बधाई दी, शुभकामनाएं भाषण भी हुए. बैठक के दौरान दौरान वसुंधरा राजे के बाद भाषण दे रहे प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने जैसे ही अपने मन की बात रखनी शुरू की. इस दौरान पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को सैनी का बोलना गंवारा नहीं हुआ. उनके भाषण के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने बीच कई बार टोका टोकी भी की और धन्यवाद बोलते रहें. उनके दखल से परेशान होकर सैनी ने अपना भाषण बीच में रोक दिया. 

'पार्टी विथ द डिफरेंस' का जमकर उड़ा माखौल

राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह के इस दखल की चर्चा बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायकों में भी रही. विधायक दल की बैठक में इस बात पर कानाफूसी होती रही कि प्रदेश अध्यक्ष के भाषण के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री का दखल कितना वाजिब या गैर वाजिब था? विधायकों के बीच यह चर्चा इसलिए थी क्योंकि 'पार्टी विद द डिफरेंस' अपने अनुशासन के लिए पहचानी जाती है और अनुशासन की दुहाई देने वाली पार्टी में ही अगर प्रदेश अध्यक्ष को भाषण के बीच में टोका जाए तो फिर सवाल उठना लाज़िमी था. 

राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह को नहीं रास आया सवाल 

लेकिन अरुण सिंह को ऐसे कोई सवाल पसंद नहीं आते. यही कारण था कि जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके इस रवैये को लेकर सवाल हुआ तो अरुण सिंह ने भी पूरी बात खबरनवीसों पर डाल दी. राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि कुछ पत्रकार भाषण लंबा होने की बात कह रहे थे इसी के चलते उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को बीच में टोका गया था. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की घोषणा के बाद भाषण का नहीं सिर्फ शुभकामनाएं देने का दिन था. राष्ट्रीय महामंत्री और ऑब्जर्वर किसी को भाषण के दौरान टोक भी सकते हैं।. 

प्रदेशाध्यक्ष सैनी के अपमान की राजनीतिक गलियारों में भी रही चर्चा

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सैनी के भाषण के बीच हुई इस टोंकाटोकी की चर्चा राज्य के राजनीतिक गलियारों में भी रही. वहीं, पार्टी के कुछ कार्यकर्ता यह भी सवाल पूछ रहे थें कि क्या राष्ट्रीय महामंत्री इसी तरह वसुंधरा राजे या प्रकाश जावड़ेकर के भाषण में टोकने की हिम्मत दिखा सकते थे? इस तरह विधायकों और पदाधिकारियों के सामने प्रदेश अध्यक्ष का सम्मान नहीं होगा, तो फिर पार्टी के पदाधिकारी और नेता अपने अध्यक्ष का सम्मान किस तरह करेंगे.