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टोंक सुसाइड मामले में परिजनों का आरोप, कहा- 'पुलिस के डर से की आत्महत्या'

परिजनों ने खुलेआम पुलिस पर टार्चर के लिए धमकाने के आरोप लगाए है. साथ ही वह पुलिस पर हत्या का आरोप लगा रहे है. 

टोंक सुसाइड मामले में परिजनों का आरोप, कहा- 'पुलिस के डर से की आत्महत्या'
सोमवार की सुबह जब ग्रामीण जंगल में गए तो बोदूराम का शव पेड़ से लटका मिला.

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: पुलिस और कचहरी का नाम आता है तो अपराधियों के पसीने छूट जाते है. लेकिन क्या कभी ऐसा हुआ होगा कि किसी के खिलाफ परिवार में मामूली कहा-सुनी की रिपोर्ट थाने में दी हो और कोई जीवनलीला ही समाप्त कर ले. शायद नहीं, लेकिन राजस्थान की नवाबी नगरी टोंक में पीपलू थाना क्षेत्र के अरनियाकांकड़ में एक किसान ने पुलिस के डर से जंगल में जाकर आत्महत्या कर ली.

टोंक की पुलिस का डर भले ही अपराधियों में ना हो, लेकिन आमजन में ऐसी दहशत बैठ रही कि कोई छत से छलांग लगा रहा है, तो कोई चलते वाहन से कूद कर भागने की कोशिश कर रहा है. खबर के मुताबिक पीपलू थाना क्षेत्र के अरनियाकांकड़ गांव में हुआ उससे हर कोई दहशत में आ गया. 

दरअसल अरनियाकांकड़ गांव 42 वर्षीय निवासी बोदूराम जाट के खिलाफ उसके बड़े भाई सियाराम ने बेटों के साथ दो दिन पहले थाने में घर में घुसकर मारपीट करने की शिकायत दी थी. जिसकी पुलिस जांच कर रही थी. वहीं बीते दिन से बोदूराम घर से लापता था. वहीं सोमवार की सुबह जब ग्रामीण जंगल में गए तो बोदूराम का शव पेड़ से लटका मिला.

पेड़ पर लटक रहे शव को देखरप गांव में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में गांव वालों ने पीपलू पुलिस को सूचना दी. परिजन भी पहुंचे, लेकिन परिजनों ने हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगा शव उतारने नहीं दिया. सूचना मिलते ही निवाई डिप्टी अंजूम कायल मौके पर पहुंची. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाया गया और नमूने लिए गए.

उधर इस घटना के बाद परिजन पुलिस से मामले को लेकर तुरंत कार्रवई की मांग करने लगी. जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को मामले की जांच करने के आश्वासन दिया. हालांकि पीपलू थानाधिकारी छोटेलाल मीना ने आपसी विवाद के चलते आत्महत्या करने की बात कही है. लेकिन परिजनों की शिकायत पर जांच करने का भी दावा किया है.

परिजनों ने खुलेआम पुलिस पर टार्चर के लिए धमकाने के आरोप लगाए है. साथ ही वह पुलिस पर हत्या का आरोप लगा रहे है. जबकि पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है. लेकिन जानकार सूत्रों ने भी यहीं दावा किया है कि पुलिस के डर से किसान बोदूराम जाट ने आत्महत्या की है. अब सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस का इकबाल बुलंद अपराधियों में ज्यादा हो रहा है या आमजन में भय ज्यादा पनप रहा है.