राजस्थान: पुलवामा में शहीद हुए जयपुर के रोहिताश लांबा को गमगीन आंखों से दी गई विदाई

अजीतगढ चौमूं स्‍टेट हाइवे पर करीब तीन किमी लम्‍बी कतार में खड़े हजारों लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए. 

राजस्थान: पुलवामा में शहीद हुए जयपुर के रोहिताश लांबा को गमगीन आंखों से दी गई विदाई
इस दौरान केन्‍दीय मंत्री कर्नल राज्‍यवर्धन ने शहीद के शव पर पुष्‍प चक्र अर्पित किया.

प्रदीप शर्मा, चौमूं(जयपुर): जम्‍मु-कश्‍मीर के पुलवामा में हुए आंतकी हमले में राजस्थान के 5 शहीदों ने भी जान गंवाई थी. इनमें जयपुर का रहने वाले रोहिताश भी शामिल थे. जयपुर जिले के अमरसर थाना इलाके के गोविन्‍दपुरा बासड़ी गांव के रहने वाले रोहिताश लाम्‍बा का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में आस-पास के गांव के अलावा प्रशासनिक अधिकारी और राजनेता मौजूद थे. उन्हें सीआरपीएफ की सैन्य टूकड़ी ने गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया.  

शनिवार को ही सुबह 4 बजे शहीद रोहिताश का पार्थिव देह अमरसर पुलिस थाने में पहूंचा. जिसके बाद करीब 8 बजे अमरसर से सेना के वाहन में उनकी शव यात्रा उनके गांव के लिए रवाना हुई. इस दौरान सैकडों लोग बाइक के साथ इस शव-यात्रा में साथ में चल रहे थे. रास्ते में हर जगह शव यात्रा पर पुष्‍प की वर्षा की जा रही थी. 

हजारों लोग हुए शव यात्रा में शामिल, लगाए भारत मां की जय का नारा

अजीतगढ चौमूं स्‍टेट हाइवे पर करीब तीन किमी लम्‍बी कतार में खड़े हजारों लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए. करीब 17 किमी दूर तक चली शवयात्रा में शामिल लोग पैदल चलकर शहीद के पृतक गांव गोविन्‍दपुरा बासड़ी पहूंचे. गमगीन आंखों से आम लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी.

शनिवार को रोहितास का शव उनके गांव पहुंचने के बाद उसे देखकर उनके पिता भी सन्‍न रह गए . वहीं, पूरे घर में कोहराम मचा हुआ था. राजस्थान के माटी के लाल शहीद रोहिताश के दो माह के मासूम बेटे ध्रूव ने अपने पिता को मुखाग्नि दी. 

1 महीने पहले घर से लौटा था रोहितास

आपको बता दें कि, रोहिताश लाम्‍बा सीआपीएफ में नियुक्ति के दौरान जम्‍मु कश्‍मीर में तैनात था. जहां सीआपीएफ के जवानों से भरी बस पर आत्‍मघाती आतंकी हमल में उसने जान गंवा दी थी. उनकी शहादत की खबर मिलने के बाद गोविंदपुरा बांसुरी समेत आस पास के गांव ढाणियों के लोग भी पहूंचने लगे थे. घटना की जानकारी शाहपुरा एसडीएम ने उनके घर पर दी थी. जिसके बाद उनके घर में कोहराम मच गया था. बताया जा रहा है कि, रोहितास 1 महीने की छुट्टियों के बाद जम्मु-कश्मीर में अपनी ड्यूटी पर वापस लौटा था. 

पिता ने कहा पाकिस्तान को मिलना चाहिए जवाब

मीडिया से बातचीत में उनके पिता बाबूलाल ने कहा कि उनका बेटा हंसमुख था, हमेशा खुश रहता था. मातृभूमि के लिए कुछ करने का जज्बा उसे बचपन से था. उसे क्या पता था कि वह देश के लिए प्राण न्योछावर कर देगा. इस दौरान वहां मौजूद एसडीएम से बाबूलाल ने कहा कि अब बहुत हो चुका है. पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब मिलना चाहिए. शहीद रोहिताश पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा था और परिवार के भरण पोषण का जिम्‍मा भी उसके कंधों पर था. 

राजनेताओं ने पुष्प चक्र किया अर्पित

इस दौरान केन्‍दीय मंत्री कर्नल राज्‍यवर्धन ने शहीद के शव पर पुष्‍प चक्र अर्पित किया. इसके अलावा राजस्थान के सैनिक कल्‍याण मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, यूडीएच मंत्री शान्तिलाल धारीवाल, भाजपा प्रदेशाध्‍यक्ष मदनलाल सैनी, विधायक आलोक बेनीवाल, बाबूलाल नागर, सतीश पुनिया, रामलाल शर्मा, पूर्व विधानसभा उपाध्‍यक्ष राव राजेन्‍द्र सिंह के अलावा कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे. 

वहीं, सीआपीएफ के आईजी भृगु श्रीनिवासन, आईजी एस सिंगाथिर, संभागीय आयुक्‍त केसी वर्मा, जयपुर ग्रामीण एसपी हरेन्‍द्र कुमार, सीओ शाहपुरा कमल सिंह, थानाधिकारी अरविंद सिंह, एसडीएम राजेन्‍द्र सिंह, तहसीलदार सूर्यकांत शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.