कोटा में 940 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन? BJP ने महिला सांसदों से रिपोर्ट तैयार करने को कहा

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा (Jagat Prakash Nadda) ने चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में जसकौर मीणा (Jaskaur Meena), कांता कर्दम (Kanta Kardam), लॉकेट चटर्जी (Locket Chatterjee) और भारती पवार (Bharati Pawar) को शामिल किया है. यह टीम गुरुवार को अस्पताल का दौरा करेगी और उसके बाद तीन दिन के अंदर कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

कोटा में 940 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन? BJP ने महिला सांसदों से रिपोर्ट तैयार करने को कहा
जेके लोन अस्पताल, कोटा

कोटा: शिक्षा नगरी के जेके लोन अस्पताल में 2019 में 940 बच्चों की मौत को बीजेपी ने गंभीरता से लिया है. एक महीने में 77 बच्चों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. बीजेपी ने मामले की जांच के लिए सोमवार को चार महिला सांसदों की फैक्ट-फाइंडिंग टीम गठित की है.

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा (Jagat Prakash Nadda) ने चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान के दौसा से सांसद जसकौर मीणा (Jaskaur Meena), उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद कांता कर्दम (Kanta Kardam), हुगली(पश्चिम बंगाल) से सांसद लॉकेट चटर्जी (Locket Chatterjee) और महाराष्ट्र की सांसद भारती पवार (Bharati Pawar) को शामिल किया है. यह टीम गुरुवार को अस्पताल का दौरा करेगी और उसके बाद तीन दिन के अंदर कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा (Jagat Prakash Nadda) ने कहा है कि चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कोटा का दौरा कर जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के संबंध में वहां की स्थितियों की समीक्षा कर तीन दिन में रिपोर्ट देगी. 

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2019 में 940 बच्चों की मौत
राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आंकड़े जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि कोटा में मौत की दर राजस्थान में सबसे कम है. अस्पताल प्रशासन से पिछले साल हुई मौत के आंकड़े लिए गए. 

आंकड़ों के मुताबिक 2014 में 15719 बच्चे भर्ती हुए थे, जिसमें 1198 बच्चों की मौत हुई. 2015 में 17579 बच्चों में 1260 बच्चों की मौत हुई थी. पिछले साल 2018 में 16436 बच्चे भर्ती हुए थे, जिसमें 1005 बच्चों की मौत हुई. इस वर्ष 2019 में 16892 बच्चे भर्ती हुए हैं, इनमें से 940 बच्चों की मौत हो चुकी है.

पूर्व चिकित्सा मंत्री पहुंचे अस्पताल
गौरतलब है कि सोमवार को राजस्थान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया (Satish Poonia) के निर्देश पर दो पूर्व चिकित्सा मंत्री जेके लोन अस्पताल पहुंचे. काली चरण सराफ (Kali Charan Saraf) और राजेन्द्र राठौड़ (Rajendra Singh Rathore) के जेके लोन अस्पताल पहुंचने पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं को जेके लोन अस्पताल में जाने से रोकने का प्रयास किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बच्चों की मौत पर सियासत करने का आरोप लगाते हुए राजेन्द्र राठौड़ का घेराव किया. 

सतीश पूनिया ने सरकार पर साधा निशाना
इससे पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया ने सरकार पर निशान साधते हुए कहा कि सरकार के किसी भी नुमाइंदे ने अस्पताल पहुंचकर हालातों का जायजा नहीं लिया. जबकि आस पास क्षेत्र के बीजेपी के 5 विधायकों ने अस्तपताल के हालात सुधारने के लिए अपने कोटे से 50 लाख रूपए देने का ऐलान किया. पूनियां ने कोटा उत्तर के विधायक और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के भी कोटा अस्पताल नहीं पहुंचने पर सवाल उठाये.

ओम बिरला ने दिए निर्देश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) कोटा के जेके लोन अस्पताल को दौरा किया. साथ ही, अस्पताल के हर हिस्से का दौरा करने के बाद ओम बिरला ने अस्पताल प्रबंधन को कई निर्देश भी दिए. बिरला ने कहा कि वह बच्चों की मौतों पर बेहद गंभीर हैं. ओम बिरला ने JK लोन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से लेकर NICU वार्ड का जायज़ा लिया. वहीं, अस्पताल के हर हिस्से का दौरा कर अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए.