जयपुर: फर्जी अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर का हुआ खुलासा, भारत से USA में हो रही थी ठगी

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजधानी जयपुर में कुछ ऐसे कॉलसेंटर संचालित किये जा रहे थे, जिनसे अमेरिका में बैठे लोगों को यहां से शिकार बनाया जा रहा था.

जयपुर: फर्जी अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर का हुआ खुलासा, भारत से USA में हो रही थी ठगी
निजी डाटा अवैध रूप से प्राप्त कर उनसे संपर्क किया जाता था.

जयपुर: जयपुर जिले की साउथ पुलिस ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया है. यह फर्जी कॉल सेंटर विदेशो में कॉल करके करोड़ों रुपए की ठगी करते थे. जयपुर पुलिस ने इस मामले में 4 कॉल सेंटरों के मालिक सहित 33 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके खिलाफ महेश नगर, श्याम नगर, सोडाला और अशोक नगर थाने में प्रकरण दर्ज किए गए हैं. बताया जा रहा है कि इन ठगों ने अमेरिका के लोगों को ही नहीं, बल्कि अमेरिकी सरकार को भी चुना लगाया है.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजधानी जयपुर में बैठकर कुछ ऐसे कॉलसेंटर संचालित किये जा रहे थे, जिनसे अमेरिका में बैठे लोगों को यहां से शिकार बनाया जा रहा था. एसएसबी राज्य विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय की तरफ से इनपुट मिला था कि अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों के संचालन से एक ठग गिरोह नेटवर्क अमेरिका, चीन आदि कई देशों में फैला हुआ है, जो लोन देने के नाम पर विदेशी लोगों से करोड़ो रुपए की ठगी कर रहा है. कॉल सेन्टर संचालकों द्वारा अमेरिकी नागरिकों का निजी डाटा अवैध रूप से प्राप्त कर उनसे सम्पर्क किया जाता था. 

अमेरिकियों से जमा करवाया जाता था पैसा
लोन देने से पहले विदेशी लोगों को सिविल रेट कम बता कर फर्जी चेक के माध्यम से 500 डॉलर से लेकर 3000 डॉलर के बीच विदेशी लोगों के खातों में जमा कराया जाता है. उन पर दबाव बनाकर तुरंत उसी दिन अमाउंट को निकलवाकर अन्य कार्ड जैसे कि वेस्टर्न यूनियन, आई ट्यून गिफ्ट कार्ड, मनीग्राम वॉलमार्ट कार्ड, बिटकाईन के रूप में राशि ली जाती है. कॉल सेन्टर संचालक इस राशि का चीन में बैठे दलालों, हवाला के माध्यम से भारत में ट्रांसफर करते हैं. इस गिरोह का नेटवर्क अमेरिका, चीन, हांगकांग आदि कई देशों में फैला हुआ है. इस तरह के सेन्टर संचालक तकनीकी रूप से एक्सपर्ट है. ये विदेशों के स्थानीय समय के अनुसार कर्मचारियों की सेन्टर पर शिफ्टों का निर्धारण कर उनसे कॉल करवाकर ठगी करते है.

पुलिस ने किया था 4 स्पेशल टीम का गठन 
पुलिस ने इस तरह की जानकारी सामने आते ही 4 स्पेशल टीमों का गठन किया. पुलिस की हर टीम में कम्प्यूटर एक्सपर्ट्स रखे गये और एक साथ सभी कॉल सेन्टर्स पर दबिश दी गई. पुलिस की टीम ने एक खास रणनिती के साथ काम शुरु किया और मुल्जिमों को तत्काल काबू कर उन्हें अन्य स्थानों पर कार्य कर रहे मुल्जिमान को सर्तक होने एवं डाटा डिलीट करने से पहले ही त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया. जिसके लिए पुलिस दलों द्वारा प्राईवेट वाहनों का भी उपयोग किया गया. 

पकड़ में आएं चार फर्जी कॉल सेंटर
राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किये जा रहे चार फर्जी कॉल सेन्टर्स पर दबिश देकर सेन्टर्स सरगना गुजरात निवासी हार्दिक पटेल, राहुल बादल, भोपा भाई, विकेष राणा, जयपुर निवासी गौरव जांगिड सहित 33 व्यक्ति जिनमें 2 युवतियां भी शामिल है, को गिरफ्तार किया गया. जिनके पाससे भारी मात्रा में कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाईल फोन, राउटर, मॉडम, विशेष उपकरण मैजिक जेक, डायलर एवं नेटवर्किग उपकरण जब्त किये गए. 

पहली बार राजस्थान में जयपुर पुलिस ने की ऐसी कार्रवाई
डीसीपी साउथ योगेश दाधीच ने बताया कि राजस्थान प्रदेश में ये पहली कार्यवाही है. जिसमें नवीनतम सूचना तकनीकी के माध्यम से विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों को एक साथ त्वरित कार्यवाही करते हुये विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया है. इस अतर्राज्यीय गिरोह का जाल राजस्थान के साथ गुजरात, मेघालय, त्रिपुरा राज्यों में फैला हुआ है. गिरोह से जूड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए भी पुलिस ने कई टीमों का गठन किया है.