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मुस्लिम बेटी का निकाह करवा कर गांववालों ने पेश की मिसाल, ब्राह्मण पति-पत्नी ने किया कन्यादान

यह किसी बेटी की शादी में सहयोग भर नहीं था, एक तरफ यह मजहबी खाई खोदने वालों के लिए सबक था, तो दूसरी तरफ इंसानियत का कबूलनामा भी था.

मुस्लिम बेटी का निकाह करवा कर गांववालों ने पेश की मिसाल, ब्राह्मण पति-पत्नी ने किया कन्यादान
गांव वालों ने लाखों रुपये इकट्ठा कर कराई गुलसफा की शादी

(कुलदीप चौहान)/बागपतः नफरत की फसल उगाने के मंसूबे बांधने वाले चाहे जितनी कोशिश कर लें, लेकिन इंसानियत के गुलशन से तो मोहब्बत की खुशबू ही आती है. बागपत के गांव अब्दुलपुर में हुआ एक युवती का निकाह भाईचारे की ऐसी ही मिसाल है. पिता 28 साल से लापता हैं और घर की माली हालत खराब. ऐसे में बेटी की शादी करना बड़ा सवाल था, लेकिन गांव का पूरा हिंदू समाज साथ खड़ा हुआ तो देखते ही देखते लाखों की रकम एकत्र हो गई और ब्राह्मण दंपती ने कन्यादान की रस्म पूरी की तो अन्य लोग बरात की खातिरदारी में जुट गए. यह किसी बेटी की शादी में सहयोग भर नहीं था, एक तरफ यह मजहबी खाई खोदने वालों के लिए सबक था, तो दूसरी तरफ इंसानियत का कबूलनामा भी था.

दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली और हरियाणा राज्य से सटे बागपत जिले की तहसील खेकड़ा क्षेत्र के अब्दुलपुर निवासी जुम्मा खां के बेटा बाबू खां रोजगार के तलाश में 28 साल पहले बाहर गया था, लेकिन आज तक नहीं लौटा और परिवार की माली हालत भी नाजुक है ओर दो महीने पहले बाबू खां की बेटी गुलफसा का निकाह तय किया था. बस यही चिंता थी कि निकाह कैसे होगा? बात गांव में पहुंची तो गंगेश्वर शर्मा का परिवार आगे बढ़ा और गुलफसा को बेटी जैसा मान दिया. फिर देखते ही देखते गांव के हिन्दूओं ने लाखों रुपये इकट्ठा कर गांव की बेटी का निकाह बड़ी ही धूमधाम से कराया.

brahmin husband and wife performed Kanyadan

गाजियाबाद जिले के लोनी कस्बे की पूजा कालोनी में रहने वाला दूल्हा अय्यूब बरात लेकर गांव पहुंचा तो पूरा गांव आवभगत में जुट गया. वहीं पंडित गंगेश्वर शर्मा ने हिंदू समाज के माध्यम से लाखों रुपये की रकम जुटाई थी ताकि गुलसफा की शादी अच्छे से हो सके. इतना ही नही गंगेश्वर शर्मा और उनकी पत्नी कांता देवी ने गुलफसा का कन्यादान भी किया. गुलफसा के भाई शाकिर के अनुसार, 150 लोगों को भोजन कराया गया और उसकी शादी में बेड, सोफा, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कूलर , सोने चांदी के आभूषण व सभी घरेलू सामान भी दिया गया है.

वही खेकड़ा इलाके के ही हसनपुर मसूरी गांव की मस्जिद के मौलवी मोहम्मद हासिम ने निकाह पढ़वाया और उन्होंने गांव के हिंदुओं की तारीफ करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने भाईचारे और एकता की मिसाल पेश की है. इतना ही नहीं गांव के तमाम लोग गांव की मुस्लिम बेटी का निकाह कराकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.