Jaipur News: RERC ने सप्लाई कोड रेगुलेशन-2021 किया जारी, कई अहम नियमों में बदलाव

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (Rajasthan Electricity Regulatory Commission) ने सप्लाई कोड रेगुलेशन-2021 (supply code regulation 2021) को मंजूरी दे दी है. 

Jaipur News: RERC ने सप्लाई कोड रेगुलेशन-2021 किया जारी, कई अहम नियमों में बदलाव
फाइल फोटो

Jaipur: राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (Rajasthan Electricity Regulatory Commission) ने सप्लाई कोड रेगुलेशन-2021 (supply code regulation 2021) को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही उपभोक्ताओं के लिए तय नियमों में अहम बदलाव हो गया है. तय समय में शहरी और ग्रामीण इलाकों में विद्युत कनेक्शन, मीटर बदलने, नई लाइन बिछाने के काम होंगे. कृषि कनेक्शनों को लेकर राज्य सरकार (state government) के निर्देश जारी रहेंगे. सप्लाई कोड रेगुलेशन-2021 के तहत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को नए कनेक्शन के लिए बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. उनके आवेदन पर घर बैठे औपचारिकता पूरी की जाएगी.

कई बिजली आपूर्ति से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को घर के दरवाजे पर मिलेगा कनेक्शन
11 केवी के लिए वोल्टैज सीमा बढा़कर की गई 2500 केवीए
शहरी क्षेत्र में 24 और ग्रामीण में 72 घंटों के भीतर बदलेगा मीटर
अविकसित कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन शुल्क 50 प्रतिशत घटाया
प्री पेड मीटर्स में सुरक्षा राशि 50 प्रतिशत घटाई
आवेदन शुल्क में नहीं किया गया इजाफा
नए विद्युत कनेक्शन जारी करने की समय सीमा तय
अब मेट्रो शहरों में 7 दिन में, अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में 15 दिन,
ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन के भीतर मिलेगा नया विद्युत कनेक्शन

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने 16 साल बाद जारी विद्युत आपुर्ति नियमों में कई अहम रियायतें दी गई है. इसमें विशेष प्रावधान अविकसित कॉलोनियों के लिए है. आयोग ने अविकसित कॉलोनियों (Undeveloped colonies) में बिजली कनेक्शन (Power connection) के शुल्क को 50 फीसदी घटाने के साथ ही कनेक्शन देने की अधिकतम समय सीमा को 30 दिन से घटाकर 7 दिन कर दिया है. अब आम लोगों को बिजली कनेक्शन में हो रही देरी के लिए बार-बार डिस्कॉम कार्यालयों पर चक्कर नहीं काटना पड़ेगा. आयोग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक, उपभोक्ताओं के लिए कनेक्शन शुल्क में 50 फीसदी कमी कर दी गई है. इसमें मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के लिए बिल्टअप या प्लॉट क्षेत्रफल के अनुरूप गणना होगी.

इसके अलावा अफोर्डेबल आवास के लिए भी कनेक्शन लोड वोल्टेज की सीमा बढ़ा दी है, यानी ऐसे आवास निर्माण की लागत में विद्युत खर्चे कर राशि में कमी होगी. दूसरी तरफ डिस्कॉम्स के लिए नया विद्युत कनेक्शन देने की समय सीमा कम कर दी. आयोग ने नए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत ही नए विद्युत कनेक्शन जारी करने की समय सीमा अब मेट्रो शहरों में 7 दिन में, अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में 15 दिन, ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन कर दी है. सभी जगह घरेलू श्रेणी के लिए यह समय सीमा सात दिन ही रहेगी.

अब यह रहेगा अविकसित कॉलोनियों में प्रति वर्ग गज शुल्क
निकाय पहले अब
ग्रामीण क्षेत्र 130 65
नगर पालिका 150 75
नगर परिषद 170 85
नगर निगम 200 100

विद्युत विनियामक आयोग ने सप्लाई कोड में उपभोक्ताओं को कई सारे अधिकार भी दिए हैं जिसमें बिजली उपभोक्ता से जुड़ी सभी जानकारी संबंधित कार्यालय और वेबसाइट पर जारी की जाएगी. विद्युत कनेक्शन और लोड या श्रेणी परिवर्तन आवेदन ऑनलाइन जमा हो सकेंगे. हार्ड कॉपी की अब जरूरत नहीं होगी. आवेदन पत्रों के लिए कंप्यूटराइज ट्रैकिंग सिस्टम की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को अपने आवेदन की स्थिति पता चल सके. अब हाई टैरिफ से लॉ टैरिफ में बदलाव हो सकेगा यानी सीधे तौर पर अब अघरेलू से घरेलू श्रेणी भी बदली जा सकेगी. जिन उपभोक्ताओं के ज्यादा  कनेक्शन है उनको सेंट्रलाइज पेमेंट की सुविधा भी दी जाएगी. 

प्रीपेड मीटर की सुरक्षा राशि को 50 फ़ीसदी कम किया गया है. अब बिजली खाता का भी वार्षिक स्टेटमेंट देना होगा. साथ ही शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे में खराब मीटर विद्युत कंपनियों को बदलना होगा. सेल्फ मीटर रीडिंग का भी प्रावधान विद्युत नियामक आयोग ने किया है. इसके अलावा सभी सेवाओं के लिए एक ही फॉर्म का उपयोग तीनों बिजली वितरण निगम में किया जाएगा. सिक्योरिटी राशि वापस लेने के लिए अलग प्रमाणपत्र की जरूरत आगे से नहीं होगी, अंतिम बिजली बिल को ही प्रमाण पत्र माना जाएगा.

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