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जयपुर: MJF आयुर्वेद कॉलेज में इंटर्नशिप को लेकर छात्रों ने किया हंगामा

MJF आयुर्वेद कॉलेज में बीएमएस की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि साढ़े 4 साल की थ्योरी की पढ़ाई होने के बाद 1 साल की इंटर्नशिप अभी तक उनकी शुरू नहीं हो पाई है.

जयपुर: MJF आयुर्वेद कॉलेज में इंटर्नशिप को लेकर छात्रों ने किया हंगामा
छात्र-छात्राओं ने कॉलेज पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

प्रदीप सोनी/चौमूं: राजधानी जयपुर के चौमूं कस्बे के हाडौता में स्थित MJF आयुर्वेद कॉलेज अक्सर विवादों में रहती है. अब फिर से कॉलेज प्रशासन विवादों में घिरते नजर आ रहा है. कॉलेज प्रशासन की मनमानी और तानाशाह रवैया से परेशान छात्र-छात्राएं मंगलवार रात से कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए. कॉलेज प्रशासन पर मनमर्जी करने के आरोप लगाए.

इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं ने कॉलेज पर ऐसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं. जिनकी जांच होना बेहद जरूरी है. MJF आयुर्वेद कॉलेज में बीएमएस की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि साढ़े 4 साल की थ्योरी की पढ़ाई होने के बाद 1 साल की इंटर्नशिप अभी तक उनकी शुरू नहीं हो पाई है. कॉलेज प्रशासन खुद की कॉलेज में बने अस्पताल में इंटर्नशिप करवाने के लिए बाध्य कर रहा है लेकिन इस अस्पताल में छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप नहीं करना चाहती हैं. 

इसके लिए वे कॉलेज प्रशासन से एनओसी लेने की गुजारिश कर रही हैं. लेकिन कॉलेज प्रशासन उन्हें एनओसी नहीं दे रहा है. जबकि ऐसा प्रावधान है की कॉलेज से अनापत्ति पत्र लेकर इंटर्नशिप किसी भी अस्पताल में की जा सकती है. इसी बात को लेकर मंगलवर रात से छात्र-छात्राएं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी है, लेकिन कॉलेज प्रशासन का कोई भी कर्मचारी छात्र-छात्राओं की सुध लेने के लिए नहीं पहुंचा. कॉलेज प्रशासन ने मुख्य गेट के ताला लगाकर छात्र-छात्राओं को बंद कर दिया.

वहीं मामले की सूचना मिलने पर चौमूं थाना पुलिस मौके पर पहुंची. छात्र-छात्राओं ने बताया कि जिस अस्पताल में इंटर्नशिप कराने के लिए भेजा जा रहा है उस अस्पताल में एक भी मरीज नहीं होता है ऐसे में नए डॉक्टर क्या सीख पाएंगे. पीड़ित छात्र छात्राओं ने कहा कि महज कागजों में खानापूर्ति के लिहाज से ही आयुर्वेद कॉलेज में अस्पताल चलता है. कागजों में ही मरीज आउटडोर और वार्डों में भर्ती रहते हैं. जबकि अस्पताल में भौतिक रूप से एक भी मरीज नही होता है. अस्पताल धूल फांक रहा है. 

ऐसे में इस अस्पताल में नए डॉ कुछ भी नहीं सीख पा रहे हैं और इसी कारण से वे एनओसी लेकर दूसरे स्थानों में प्रैक्टिस इंटर्नशिप करना चाह रहे हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन एनओसी नहीं दे रहा है. छात्र-छात्राओं ने एनओसी देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कॉलेज संचालक ऊंचे रसूख के चलते अपनी मनमर्जी कर रहा है.