सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए जयपुर पुलिस ने बनाया यह नियम, करेगी इस तकनीकी का प्रयोग
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सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए जयपुर पुलिस ने बनाया यह नियम, करेगी इस तकनीकी का प्रयोग

Jaipur latest News: जयपुर में सड़क दुर्घटनाओं और होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करनेके लिए जयपुर पुलिस जेडीए, नगर निगम और डीओआईटी के साथ मिलकर काम करेगा, और साथ ही इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा. 

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Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए जयपुर पुलिस विभिन्न विभागों के साथ मिलकर काम कर रही है. जयपुर पुलिस के द्वारा शहर के अलग-अलग इलाकों में 20 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं.

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सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जयपुर पुलिस चिन्हित किए गए 20 ब्लैक स्पॉट को सुधारने में जुट गई है. पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित की गई सभी सेक्टर की मीटिंग में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने को लेकर चर्चा की गई. साथ ही दुर्घटना में कमी लाने के लिए तमाम ब्लैक स्पॉट का विश्लेषण कर सड़क दुर्घटनाओं के पीछे के करणों का पता लगाया जा रहा है. सर्वाधिक सड़क दुर्घटना और हो रहे मौत के स्थानों पर ब्लैक स्पॉट  चिन्हित किए गए है. इन ब्लैक स्पॉट पर करीब 55 हादसे हो चुके है, और उन  हादसों में 57 लोग गंभीर घायल और 23 लोगों की  मौत हो चुकी है. जयपुर पुलिस जेडीए, नगर निगम और डीओआईटी के साथ मिलकर सड़क हादसों में कमी लाने के लिए इंटेलिजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करेगी. 

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जयपुर कमिश्नरेट के चारों जिलों में चिन्हित रोड इंजीनियरिंग डिफेक्ट, ट्रैफिक व रोड लाइट खराब होना या लाइट का नहीं होना, ब्लिंकर का प्रॉपर काम नहीं करना सहित विभिन्न बिंदुओं को लेकर विश्लेषण किया गया है. समस्याओं का समाधान करने के लिए उच्चस्तर पर अलग-अलग विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग का आयोजन कर समाधान करने की कोशिश की जा रही है. ब्लैक स्पॉट की कमियों को दूर करने में JDA अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इसके साथ ही ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए जयपुर पुलिस इंटेलिजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा. जिसके लिए बाकायदा जयपुर पुलिस की ओर से डीओआईटी को प्रस्ताव भेजा गया है. 

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इसके साथ ही विभिन्न विभागों से पत्राचार कर उनके स्तर पर समस्याओं का समाधान करने के लिए पत्र लिखा जा रहा है. वहीं रात के समय शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाकर बैरिकेट्स को जिगजैग लगाया जा रहा है, ताकि वाहनों की गति को नियंत्रित किया जा सके. जेडीए, नगर निगम और डीओआईटी के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा. 

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