Rajasthan News: हरियाणा में भी चला सतीश पूनिया का जादू! जानिए कैसे पलटा सियासी पासा

Rajasthan News: BJP के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने पार्टी नेतृत्व के भरोसे को कायम रखा. उन्होंने अपने सियासी अनुभव का लाभ उठाते हुए राजस्थान के बाद अब हरियाणा में भी पार्टी को चुनावी जीत दिलाई है. दरअसल लोकसभा चुनाव के बाद सतीश पूनिया को भाजपा नेतृत्व ने हरियाणा विधानसभा का प्रभारी बनाया था. ऐसे में प्रदेश में पार्टी की जीत की जिम्मेदारी उन पर ही थी.

Rajasthan News: हरियाणा में भी चला सतीश पूनिया का जादू! जानिए कैसे पलटा सियासी पासा

Rajasthan News: BJP के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने पार्टी नेतृत्व के भरोसे को कायम रखा. उन्होंने अपने सियासी अनुभव का लाभ उठाते हुए राजस्थान के बाद अब हरियाणा में भी पार्टी को चुनावी जीत दिलाई है. 

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दरअसल लोकसभा चुनाव के बाद सतीश पूनिया को भाजपा नेतृत्व ने हरियाणा विधानसभा का प्रभारी बनाया था. ऐसे में प्रदेश में पार्टी की जीत की जिम्मेदारी उन पर ही थी. भाजपा नेता सतीश पूनिया को ये जिम्मेदारी उस वक्त मिली जब लोकसभा चुनाव के बाद उनके पास कोई बड़ा काम नहीं था. 

ठीक उसी समय उन्हें हरियाणा प्रदेश का प्रभारी बना दिया गया और ये काम उस समय हुआ जब उनकी राजस्थान में रहने को लेकर चर्चा चल रही थी. सतीश पूनिया को राज्यसभा में भेजने की भी पार्टी में तैयारी हो चुकी थी. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. राजस्थान में अध्यक्ष रहते हुए सतीश पूनिया ने कड़ी मेहनत की. जिसका नतीजा यह रहा कि राजस्थान में भाजपा की सरकार आ गई. ठीक वही काम पूनिया ने हरियाणा में भी कर दिखाया.

हरियाणा में जहां एक तरफ जाट नाराज बताए जा रहे थे, तो वहीं सतीश पूनिया को हरियाणा में लोकसभा चुनाव में पार्टी ने प्रभारी बनाया था. उसके बाद परिणाम ठीक होने के बाद पार्टी ने विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने जाट समाज को देखते हुए सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया. जिसका नतीजा अब बेहतर साबित हुआ है. 

सतीश पूनिया राजस्थान में विधानसभा चुनाव हार गए थे. उसके बाद से उनके प्रति जाट लीडरशिप में सहानुभूति बन चुकी थी. इसको देखते हुए भाजपा ने सतीश पूनिया को हरियाणा में अहम जिम्मेदारी दे दी. सतीश पूनिया लगातार वहां पर डटे रहे. हर माहौल में उन्होंने अपने सूझबूझ और सियासी अनुभव का परिचय दिया. साथ ही वहां पर भाजपा को ताकत मिली. सतीश पूनिया के वहां जाने के बाद भाजपा के अन्य जाट नेताओं में खुशी भी दिखाई दी थी.

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