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जोधपुर: कोर्ट ने ऐसे लगाया गाय के असली मालिक का पता, जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

अगस्त 2018 से एक गाय का मालिकाना हक को लेकर मंडोर थाने में शिक्षक श्याम सिंह परिहार ने पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश विश्नोई पर गाय चोरी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था. 

जोधपुर: कोर्ट ने ऐसे लगाया गाय के असली मालिक का पता, जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने गाय को गोशाला में भेज दिया था.

भवानी भाटी/जोधपुर: प्रदेश के जोधपुर के एमएम संख्या 3 कोर्ट में एक गाय के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में कोर्ट ने फैसला सुना दिया. मामले में दोनो पक्षो को सुनने और कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश विश्नोई को गाय का मालिक मानते हुए उसके पक्ष में निर्णय किया. कोर्ट ने गाय ओम प्रकाश को सुपुर्द करने का निर्णय दिया. 

हालांकि निर्णय के बाद शिक्षक श्याम सिंह परिहार ने कहा कि कोर्ट के फैसले का वह सम्मान करते है, लेकिन वह इस निर्णय के खिलाफ ऊपरी अदालत में गुहार लगाएंगे और अपनी गाय के हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे. बता दें कि अगस्त 2018 से एक गाय का मालिकाना हक को लेकर मंडोर थाने में शिक्षक श्याम सिंह परिहार ने पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश विश्नोई पर गाय चोरी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था. 

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने गाय को पन्ना लाल गोशाला में भेज दिया. इसके बाद कोर्ट ने दोनो पक्षो को सुना. जहां शिक्षक ने कहा कि गाय अपना दूध स्वयं पीती है. इस पर गाय के बछड़ा देने के बाद यहा सीसीटीवी लगाकर शिक्षक की इस बात की पुष्टि के लिए निगरानी की गई. लेकिन ऐसा फुटेज में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया. इसके बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ तो दोनों पक्षो ने गाय सौंपने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर की. जिस पर कोर्ट ने एमएम संख्या 3 कोर्ट को जांच के आदेश दिए. 

साथ ही कोर्ट ने मामले में कोर्ट कमिश्रर नियुक्त किया. जहां गाय के मालिकाना हक को तय करने के लिए खुद गाय को दोनो पक्षो के घरों से 5 सौ मीटर की दूरी पर छोड़ा गया. जहां कोर्ट कमिश्नर की मौजूदगी में गाय चलकर पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश के घर के बाहर जाकर खड़ी हो गई. इसके बाद कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी. लंबी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निर्णय करते हुए ओम प्रकाश विश्नोई के पक्ष में फैसला देते हुए उसे मालिक माना.