Ravan Marriage Place: राजस्थान के जोधपुर में रावण का ससुराल स्थित था, ऐसा माना जाता है. शहर के मंडोर रेलवे स्टेशन के सामने एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां रावण और मंदोदरी की शादी हुई थी. यह जगह आज भी मौजूद है और इसे रावण के विवाह स्थल के रूप में जाना जाता है.
1/6मारवाड़ की प्राचीन राजधानी मंडोर, जिसे मांडव्यपुर, मंडोरा और मंडोवरा भी कहा जाता है, का रावण से संबंध होने की बात शोध का विषय है. लेकिन यह तथ्य है कि भोगी शैल पहाड़ी पर मांडव ऋषि ने तपस्या की थी, जिसके कारण इस स्थान का नाम मांडवपुर पड़ा. मांडव पुर का नाम बाद में मंडोवर और फिर मंडोर हो गया . कहा जाता है कि मांडव्य ने राजपाट त्यागकर यहां पर तपस्या की थी. मंडोर उद्यान जोधपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जिसमें देवताओं की साल, जनाना महल, एक थंबा महल, जोधपुर और मारवाड़ के महाराजाओं के देवल और चौथी शताब्दी का एक प्राचीन किला भी है .
2/6मंडोर में स्थित रावण मंदोदरी विवाह की चवरी में अष्ट माता और गणेश मूर्ति स्थापित हैं. मंडोर का इतिहास चौथी शताब्दी से जुड़ा है, जब यहां नागवंशी राजाओं का राज्य था. नागादडी याने नागाद्री जलाशय और भोगीशेल पहाड़ियां इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं. किवदंती और दंत कथाओं के अनुसार, रावण की पत्नी मंदोदरी मंडोर की राजकन्या थी और इसी स्थान पर उनका विवाह हुआ था. जोधपुर में रावण का एक मंदिर भी है, जहां साढ़े छह फीट लंबी और डेढ़ टन वजनी रावण की प्रतिमा स्थापित है, जो छीतर पत्थर से बनाई गई है. मंदिर के सामने मंदोदरी की मूर्ति भी है. यह स्थल राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो रावण और मंदोदरी की कहानी को जीवंत बनाता है.