Dungarpur निकाय चुनाव: BJP-Congress का बड़ा राजनीतिक दांव, जानें किसका बन सकता बोर्ड

डूंगरपुर निकाय में अब तक 51 प्रशासक और अध्यक्ष रहे हैं. इसमें से 38 बार डूंगरपुर निकाय की कमान प्रशासकों के हाथ में रही है और 13 बार जनता की ओर से चुने गए निर्वाचित चेयरमैन ने बागडोर संभाली है.

Dungarpur निकाय चुनाव: BJP-Congress का बड़ा राजनीतिक दांव, जानें किसका बन सकता बोर्ड
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अखिलेश शर्मा, डूंगरपुर: निकाय चुनाव (Nikay Election) के तहत डूंगरपुर जिले में डूंगरपुर नगरपरिषद (Dungarpur Municipal Council) और सागवाड़ा नगरपालिका (Sagwara Municipality) में चुनाव होना है. इधर जिले में चुनावी सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं.

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जिले की डूंगरपुर नगरपरिषद में वर्ष 1990 से पहले कांग्रेस (Congress) पार्टी के पांच चेयरमैन रहे तो वहीं, वर्ष 1990 के बाद से 30 साल से लगातार बीजेपी का बोर्ड और चेयरमैन बनते आ रहा है. इधर नामांकन के बाद दोनों ही दलों के नेता चुनाव में अपनी जीत को लेकर चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं. चुनाव में इस बार भी जहां बीजेपी अपने बोर्ड को रिपीट कर रिकॉर्ड कायम करने का दावा कर रही है तो वहीं, कांग्रेस बीजेपी के अब तक के बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इस बार डूंगरपुर नगरपरिषद में अपना बोर्ड बनाने का दावा कर रही है.

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डूंगरपुर निकाय में अब तक 51 प्रशासक और अध्यक्ष रहे हैं. इसमें से 38 बार डूंगरपुर निकाय की कमान प्रशासकों के हाथ में रही है और 13 बार जनता की ओर से चुने गए निर्वाचित चेयरमैन ने बागडोर संभाली है. वर्ष 1990 से लेकर अब तक पिछले 30 सालों से लगातार डूंगरपुर निकाय की सत्ता बीजेपी के हाथों में रही है. इधर एक बार फिर निकाय चुनाव हैं और 28 जनवरी को होने वाले मतदान को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों ने चुनावी रणीनीति बनाते हुए उस पर काम करना शुरू कर दिया है.

क्या कहना है बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रभु पंड्या का
डूंगरपुर जिले के बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रभु पंड्या का कहना है कि वर्ष 1990 से डूंगरपुर नगरपरिषद क्षेत्र बीजेपी का गढ़ रहा है. शहर की जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए लगातार बीजेपी ने अपने बोर्ड बनाते हुए चेयरमैन बनाये हैं. पंड्या ने कहा कि बीजेपी ने अपने बोर्ड रहते डूंगरपुर शहर में विकास को कई आयाम दिए हैं, जिसमें पिछले बीजेपी बोर्ड ने बेहतर काम करते हुए शहरी विकास के साथ स्वच्छता, पर्यटन, जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नाम भी कमाया है. ऐसे में बीजेपी बोर्ड द्वारा करवाए गए विकास के अनगिनत कामों को लेकर बीजेपी इस बार भी डूंगरपुर नगरपरिषद में बीजेपी का बोर्ड बनाने का दावा किया है हालाकि इस बार टिकट वितरण में बीजेपी को अपने ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा है. नाराज कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय में खूब धमाल भी मचाई थी. ऐसे में कार्यकर्ताओं की नाराजगी के चलते बीजेपी को नुकसान का भी डर है.

नगरपरिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस की है यह तैयारी
दूसरी ओर डूंगरपुर नगरपरिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस भी अपना दम खम दिखा रही है. डूंगरपुर नगरपरिषद चुनाव का जिम्मा खुद डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक और यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा के ऊपर है. घोघरा ने कहा की पिछले 30 सालों से शहर में बीजेपी का राज रहा है लेकिन इन 30 सालो में बीजेपी पार्टी ने जमकर भ्रष्टाचार किया है और शहरवासियों को बरगलाने का काम किया है. वहीं, उन्होंने कहा बीजेपी के पिछले बोर्ड के कार्यकाल में शहर की गरीब जनता को परेशान भी किया गया है. ऐसे में उन्होंने बीजेपी से शहर की जनता की नाराजगी के साथ बीजेपी के टिकट वितरण में बीजेपी कार्यकर्ताओं की नाराजगी का कांग्रेस का फायदा होने के चलते कांग्रेस का बोर्ड बनने का दावा किया है.

बहरहाल, डूंगरपुर नगरपरिषद चुनाव की चौसर बिछ चुकी है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों के नेता अपना-अपना बोर्ड बनाने के दावे भी कर रहे हैं लेकिन डूंगरपुर नगरपरिषद में जनता एक बार फिर बीजेपी के सिर पर जीत का ताज पहनाती है या इस बार बीजेपी के विजय रथ को रोकते हुए कांग्रेस पार्टी पर अपना विश्वास जताती है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.