पंच ग्रही योगों के प्रभाव से होगी नए साल की शुरुआत, कई राशियों के चमकेंगे भाग्य

ज्योतिषियों का कहना है कि नवसंवत्सर में 9 ग्रहों के बीच बनने वाली मंत्रिमंडल में इस बार राजा बुध और मंत्री चंद्रमा रहेंगे. इस तरह पूरे साल पर बुध देव का अधिपत्य रहेगा. बुध कन्या राशि का स्वामी है.

पंच ग्रही योगों के प्रभाव से होगी नए साल की शुरुआत, कई राशियों के चमकेंगे भाग्य
अंग्रेजी नववर्ष का शुभारंभ कन्या लग्न में ही होगा.

जयपुर: साल 2019 की विदाई बेला आ गई है और नववर्ष 2020 के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. प्रथम पूज्य के वार यानी बुधवार से अंग्रेजी का नया साल 2020 का वेलकम होगा और 25 मार्च से शुरू होने वाला भारतीय नवसंवत्सर विक्रम संवत 2077 का स्वागत भी इस बार बुधवार को ही होगा यानी की इस एक समानता और अनूठा संयोग होगा.

इस बार दोनों की शुरुआत बुधवार के दिन से होगी. ज्योतिषियों का कहना है कि नवसंवत्सर में 9 ग्रहों के बीच बनने वाली मंत्रिमंडल में इस बार राजा बुध और मंत्री चंद्रमा रहेंगे. इस तरह पूरे साल पर बुध देव का अधिपत्य रहेगा. बुध कन्या राशि का स्वामी है.

नव शिखर मिलें, सुर प्रखर मिलें, मन लहर मिले इस वर्ष, नवगान मिले, सम्‍मान मिले, पल मुखर मिले इस वर्ष. एक माह से दूसरे माह में जाने भर का प्रवेश मात्र नहीं है एक जनवरी. यह यह तिथि संग अपने लेकर आती है नई उम्‍मीदें, नई उमंगें, 2020 की एक जनवरी भी अपने साथ नई आशाओं का सवेरा लेकर आती है. बेशक ग्रहों की चाल भी नये वर्ष बनती और बिगड़ती है. अंग्रेजी नववर्ष का शुभारंभ कन्या लग्न में ही होगा. इस लग्न पर भी बुध का अधिपत्य है. यह राशि महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती है. इसलिए पूरे साल महिलाओं का प्रभाव बढ़ेगा. 

बुधवार से ही नया वर्ष शुरू हुआ था
बुध के राजा रहते धर्म और अध्यात्म क्षेत्रों का विस्तार और लोगों का इसमें जुड़ाव बढ़ेगा लेकिन राजनीतिक हालत संतोषजनक नहीं रहेंगे. नव वर्ष प्रवेश के समय मंगल स्वराशि धनु राशि में पंच ग्रही योग धनु राशि में बृहस्पति, शनि, केतु, सूर्य और बुध रहेंगे. यह सुखद संयोग है कि हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2077 का आगमन भी बुधवार को ही हो रहा है. ग्रहों के मंत्रिमंडल में बुध राजा और चंद्रमा मंत्री रहेंगे. भारतीय नव वर्ष में प्रथम बार को राजा की उपाधि दी जाती. 1 जनवरी 2020 बुधवार को कुमार योग राजयोग कन्या लग्न शतभिषा नक्षत्र में हैं और भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत बुधवार के दिन प्रारंभ होगा. यह भी संयोग ही है, कि अंग्रेजी नववर्ष 1.1.2020 का कुल युग 6 है. इसके पूर्व 2014 में भी बुधवार से ही नया वर्ष शुरू हुआ था. 

2020 में भी ऐसा संयोग बनेगा. ज्योतिषाचार्य पुरूषोत्तम गौड के अनुसार, नए साल में राशियों पर इस तरह से प्रभाव रहेगा.

मेष राशि: यह वर्ष धन, प्रॉपर्टी के साथ भौतिक सुख:समृद्धि वाला रहेगा. इस वर्ष कुछ नए लोग जुड़ेंगे एवं अतिव्ययता से परेशानी का सामना करना पड़ेगा. छोटे विचार वालों से बचना होगा. राजनीति और नौकरी वालों के लिए यह वर्ष मध्यम रहेगा. व्यापारी के लिए भी सफल वर्ष रहेगा. इस वर्ष में मेष राशि वालों ने राहु-केतु ग्रह के जाप एवं शांति पूजन करना चाहिए.

वृषभ राशि: यह वर्ष उमंग, उत्साह वाला रहेगा. परोपकार, वात्सल्य भाव का प्रादुर्भाव होगा. विशिष्ट कार्य सिद्धि के साथ आत्मबल बढ़ेगा. वर्ष में शारीरिक कष्ट, दुख के साथ जीवनसाथी से कुछ वियोग के योग बनेंगे.

मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष शुभाशुभ, पीड़ा तथा कर्ज की स्थिति वाला रहेगा. खर्च पर संयम करना पड़ेगा. संबंधियों से उदासीनता प्राप्त होगी. कुटुंब में मतभेद के योग बनते हैं. भूमि-भवन एवं भौतिक साधनों पर अधिक खर्च होगा. पत्नी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी. जून से पुराने कार्य पूर्ण करने का अवसर रहेगा.

कर्क राशि: यह साल पूर्वार्द्ध विचित्र, उत्कृष्ट लाभ, मान, यश, पराक्रम, शौर्य, बल:बुद्धि से लाभ वाला रहेगा. परंतु संतान पक्ष से चिंता वाला रहेगा. उच्चाकांक्षा से ऊपर उठकर धर्म-कर्म का ध्यान रखकर काम करना होगा. जिससे गृहस्थ जीवन भौतिक सुख और झगड़े विवाद से मुक्त होगा. अविवाहित के विवाह के योग हैं.

सिंह राशि: यह वर्ष मंगलकारी, व्यापार-कारोबार में विस्तार वाला रहेगा. राज्य पक्ष से मान-सम्मान मिलने के योग है. स्थिर मन से काम करना होगा. जानवर एवं वाहन से सावधान रहें. अति स्वाभिमान, क्रोध का त्याग करें. पराक्रम, शौर्य से अनेक प्रकार की सफलता मिलेगी. शत्रु परास्त होंगे. माता पक्ष से ठीक व्यवहार नहीं रहेगा.

कन्या राशि: यह वर्ष श्रेष्ठतम है. 2020 भाग्य-वृद्धि, लाभ प्रतिष्ठा में इच्छित फल देने वाला रहेगा. मनोरथ सिद्ध होने के साथ कोष-खजाने में वृद्धि होगी. स्थायी संपत्ति के योग है. जीवन सुखमय होगा. संगीत कला से सम्मान के योग है. भावुकता में आकर किसी पर अधिक विश्वास नहीं करें अन्यथा धोखा हो सकता है.

तुला राशि: यह वर्ष मिश्रित फल वाला रहेगा. सुख-दुख के साथ पूर्वार्द्ध में अपमान, अपयश, संघर्ष जैसी स्थिति कर्ज, खर्च अनायास विषमता का सामना करना पड़ेगा. स्वास्थ्य की तकलीफ हो सकती है. अपनी वाणी पर भी संयम रखें. राजनीति में सोचकर कार्य करें. विरोध का सामना करना पड़ेगा.

वृश्चिक राशि: यह वर्ष शनि की साढ़ेसाती के प्रथम ढैय्या वाला रहेगा. शुभाशुभ मिश्रित फलवाला, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन एवं अनेक भूचाल के साथ सफलता मिलने वाला वर्ष रहेगा. महत्वकांक्षा त्याग कर अपने समय अनुसार, फल पाकर संतोष रहेगा.

धनु राशि: यह वर्ष मध्यम रहेगा. विपरीत विचार, विसंगति, पतितता, आर्थिक कष्ट भय वाला समय चल रहा है. न्यायिक उलझनें एवं झगड़े-झंझट से बचना होगा.

मकर राशि: उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के तीन चरण श्रवण एवं घनिष्ठा नक्षत्र के दो चरणों से बनी है. मकर राशि पर जब सूर्य आते हैं, तो पवित्र उत्तरायन की ओर अग्रसर हो जाते हैं. मकर राशि के राशि स्वामी शनि है. मकर राशि का बल रात्रि एवं दिशा दक्षिण है.

कुंभ राशि: साल 2020 लाभदायक रहेगा. आय में वृद्धि होगी तथा स्वास्थ्य बेहतर होगा. अगर आप विद्यार्थी हैं और पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहते हैं, यह साल बहुत अच्छा रहेगा. अगर आप कुछ नया करने का सोच रहे हैं, तो यह साल बहुत लाभदायक रहेगा. आपके जीवन साथी के साथ संबंध बेहतर होंगे. फिर भी परिवार में कुछ न कुछ परेशानी आने की संभावना है, उस का विशेष ध्यान रखें. नौकरीपेशा लोगों के लिए जरूरी है कि अधिकारी वर्ग से नम्रता के साथ बात करें. हो सकता है, उनको आपकी कोई बात पसंद न आए और इसकी वजह से आपको परेशानी हो.

मीन राशि: यह साल मिश्रित फल देने वाला है. आपको आपके स्वास्थ्य का ख्याल रखना पड़ेगा. वाहन चलाते वक्त भी विशेष ध्यान रखें क्योंकि कहीं कोई दुर्घटना हो सकती है. आपकी आय बढ़ेगी. अगर आप नौकरी कर रहे हैं, तो मिलने के पूर्ण योग हैं. कुछ लोगों के लिए इस साल अपनी नौकरी बदलने की संभावना है. परिवार में बहुत ही सुंदर और सौहार्दपूर्ण वातावरण रहेगा.

दो तरह से मनाते हैं नया साल
आम तौर पर लोग नए वर्ष को दो तरह से मनाते हैं. पहला तो परंपरागत और दूसरा आधुनिक. परंपरागत तरीके से मनाने वाले लोग सुबह उठते ही मंदिर, गुरूद्वारा एवं चर्च में जाकर प्रार्थना से शुरूआत करते हैं. वहीं दूसरा आधुनिक तरीकों से नूतनवर्ष मनाने वाले लोग डीजे, नाच, गाना, शराब आदि का जमकर सेवन करते हैं. तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिसके कारण घटना होने की संभावना अधिक होती है. ऐसे में बेहतर यही होता है कि परंपरागत रूप से नए वर्ष का स्वागत करें और घर परिवार वालों के साथ मिलकर खूब आनंद उठाएं.