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कोटा: ACB टीम की बड़ी कार्रवाई, PWD में भ्रष्टाचार के खेल का किया पर्दाफाश

अस्थाई ठेकेदार ने इस संबंध में शिकायत करते हुए एक परिवाद एसीबी चौकी कोटा में दिया. एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन 14 मार्च को करवाया.

कोटा: ACB टीम की बड़ी कार्रवाई, PWD में भ्रष्टाचार के खेल का किया पर्दाफाश
अस्थाई ठेकेदार ने इस संबंध में शिकायत करते हुए एक परिवाद एसीबी चौकी कोटा में दिया.

कोटा/ हिमांशु मित्तल: जिले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. एसीबी ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के विद्युत विंग के अधिशासी अभियंता को रिश्वते लेते गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि एसीबी ने अभियंता को 5 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया.

बताया जा रहा है कि अभियंता संतोष कुमार गुप्ता पिपरसानिया ने यह रिश्वत एक अस्थाई ठेकेदार को स्थाई करने की एवज में ली थी. एसीबी की कार्रवाई से पूरे पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग दफ्तर में हड़कंप मच गया है. वहीं, कार्मिक अपना काम छोड़कर मौका स्थल से फरार हो गए हैं. 

जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विभाग में तैनात अधिशासी अभियंता संतोष कुमार गुप्ता पिपरसानिया अधीक्षण अभियंता के तकनीकी सहायक के रूप में कार्यरत हैं. कुछ दिन पहले इलेक्ट्रिक विंग के अधीक्षण अभियंता का पद रिक्त होने से उसके पास इस पद का अतिरिक्त कार्यभार था. 

इस दौरान उसने एक अस्थाई ठेकेदार को स्थाई करने की एवज में ₹25,000 की रिश्वत की मांग की. उसने इस की पहली किस्त के रूप में ठेकेदार से ₹15,000 भी दे दिए थे लेकिन, अधीक्षण अभियंता पद पर राज्य सरकार ने किसी अन्य इंजीनियर को पदस्थापित कर दिया.

अस्थाई ठेकेदार ने इस संबंध में शिकायत करते हुए एक परिवाद एसीबी चौकी कोटा में दिया. एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन 14 मार्च को करवाया. जिसके सत्यापन में संतोष गुप्ता ने ₹5000 ले लिए. इसके बाद सोमवार को एसीबी की टीम ने उसको ट्रैप करने का जाल बिछाया. 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार और निरीक्षक अजीत बागडोलिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की. परिवादी अस्थाई ठेकेदार रिश्वत की राशि के पांच हजार रुपए आरोपी अभियंता संतोष गुप्ता के कार्यालय में ही देकर आया. उसने एसीबी की टीम को इशारा कर दिया. एसीबी ने रिश्वतखोर अधिशासी अभियंता को गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की राशि उसकी दराज से जप्त कर ली. 

एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि संतोष गुप्ता बैक डेट में अधीक्षण अभियंता के नाम से स्थाई ठेकेदार का प्रमाण पत्र जारी कर रहा था. वहीं, उसके घर पर दबिश दी गई है और संपत्ति की गणना की जा रही है. साथ ही कार्यालय से भी रिकॉर्ड जप्त किया जा रहा है.

दूसरी तरफ अचानक हुई एसीबी की कार्रवाई से पूरे पीडब्ल्यूडी ऑफिस में हड़कंप मच गया. एक तरफ तो एसीबी की टीम ने रिश्वतखोर संतोष गुप्ता को अपने कब्जे में ले लिया तो वहीं, दूसरी तरफ उसके कार्यालय का एक-एक कार्मिक अपना काम छोड़ नदारद हो गए. देखते ही देखते पीडब्ल्यूडी की इलेक्ट्रिक विंग का पूरा ऑफिस ही सुना हो गया.