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जयपुर: 'जीवाणु' की शिनाख्त परेड के दौरान मौजूद थी पीड़िता, विधिक सेवा प्राधिकरण ने मांगा स्पष्टीकरण

कानून के जानकारों ने इस मामले में पुलिस पर पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का मखौल उड़ाने का आरोप लगाया है.

जयपुर: 'जीवाणु' की शिनाख्त परेड के दौरान मौजूद थी पीड़िता, विधिक सेवा प्राधिकरण ने मांगा स्पष्टीकरण
पॉक्सों एक्ट की धारा-24 में इस तरह का प्रावधान है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: जयपुर के शास्त्रीनगर थाना इलाके में सात साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी 'जीवाणु' उर्फ सिकंदर की शिनाख्त परेड पर सवाल खड़े हो गए हैं. कानून के जानकारों ने इस मामले में पुलिस पर पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का मखौल उड़ाने का आरोप लगाया है. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में रखा है और पुलिस आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा है.

बताया जा रहा है कि पुलिस शिनाख्त परेड के लिए पीड़िता को जेल लेकर गई, जहां आरोपी जीवाणु से पीड़िता का आमना-सामना कराया गया और आरोपी की पहचान कराई गई. इस दौरान पीड़िता के अभिभावकों को जेल परिसर से बाहर ही रखा गया. जबकि पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता किसी भी तरह से आरोपी के संपर्क में नहीं आनी चाहिए.

आपको बता दें कि पॉक्सों एक्ट की धारा-24 में ये प्रावधान है कि जांच के दौरान पीड़िता और आरोपी का आमना-सामना नहीं होना चाहिए. जबकि इस प्रावधान का पुलिस ने किसी भी तरह से पालन नहीं किया है.