कोटा: बहन की शादी में बचा खाना IAS ने गरीबों में बंटवाया, लोगों ने जमकर की तारीफ

अनंत जैन कोटा के तलवंडी के रहने वाले हैं. 2018 बेच के आईएएस अनंत फिलहाल सिक्किम के गंगटोक में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर तैनात हैं. अनंत जैन के पिता इंश्योरेंस कंपनी में अधिकारी हैं. वहीं उनकी मां केंद्रीय विद्यायल में टीचर. 

कोटा: बहन की शादी में बचा खाना IAS ने गरीबों में बंटवाया, लोगों ने जमकर की तारीफ

मुकेश सोनी, कोटा: जिले के एक नौजवान आईएएस (Indian Administrative Service) अनंत जैन (Anant Jain) ने अपनी बहन की शादी में बचा हुआ खाना जरूरतमंदों को बंटवाकर समाज के सामने अनूठी मिसाल पेश की है.

आईएएस अनंत जैन का कहना है कि आज भी कई लोग खाने के अभाव में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर भूखे ही सो जाते हैं. शादी में बचा हुआ खाना फेंकने ने अच्छा है कि ये बचा हुआ खाना उनके काम में आएगा, जो लोग रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भूखे सोते हैं. 

अनंत जैन कोटा के तलवंडी के रहने वाले हैं. 2018 बेच के आईएएस अनंत फिलहाल सिक्किम के गंगटोक में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर तैनात हैं. अनंत जैन के पिता इंश्योरेंस कंपनी में अधिकारी हैं. वहीं उनकी मां केंद्रीय विद्यायल में टीचर. अनंत की बहन अंबिका जैन एक निजी कंपनी में एचआर हैं. अंबिका की शादी मुंबई में हुई है. 

शादी में बच गया था 100 लोगों का खाना
गुरुवार को सिविल लाइन स्थित सुखधाम कोठी में अंबिका का आशीर्वाद समारोह था. मेहमानों के लजीज पकवान बनाए गए थे. अनंत ने बताया कि उन्होंने पहले ही कोटा की एक राधे नाम की एनजीओ से संपर्क कर लिया था कि शादी में बचा हुआ खाना उनको बंटवाना है. शादी में मेहमान भी खूब आए लेकिन करीब 100 लोगों का खाना बच गया. अनंत ने वादे के मुताबिक, एनजीओ संचालक को फोन करके बुलाया और खाना एनजीओ को दिया. एनजीओ के सदस्यों ने खाना ले जाकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, रेन बसेरा,फुटपाथ पर भूखे सो रहे लोगों में बंटवाया.

आगे आकर समाज से की मदद की अपील 
अनंत ने बताया कि शादियों के सीजन में लोगों के एक साथ कई जगह से निमंत्रण आते हैं लेकिन सभी जगह जाना संभव नहीं हो पाता. ऐसे में कई शादी वाले घरों में खाना बच जाता है. लोग उसे फेंक देते हैं. उन्हें ऐसा करने के बजाय पहले से किसी संस्था या एनजीओ से बात करके रखनी चाहिए कि ताकि शादी में बचा हुआ खाना वो आकर ले जाए. ऐसा करने से जरूरतमंदों की मदद अपने आप हो जाएगी. आपको कहीं जाना नहीं पड़ेगा क्योंकि आज भी कई लोग देश में बिना खाए भूखे ही सो जाते हैं.