UIDAI का फर्जी आधार कार्ड सेंटर्स पर शिकंजा, सिर्फ 'राजनेट' पर ही चलेगा आधार कार्ड कियोस्क

यूआईडीएआई (Unique Identification Authority of India) ने फर्जी आधार सेंटर्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. अब राजस्थान में आधार सेंटर्स सिर्फ 'राजनेट' की सुविधा वाली जगहों पर ही संचालित हो सकेंगे. 

UIDAI का फर्जी आधार कार्ड सेंटर्स पर शिकंजा, सिर्फ 'राजनेट' पर ही चलेगा आधार कार्ड कियोस्क
राजस्थान में आधार सेंटर्स सिर्फ 'राजनेट' की सुविधा वाली जगहों पर ही संचालित हो सकेंगे.

जयपुर: राजस्थान में एक्टिव आधार मशीन का बंगाल, ग्वालियर और असम में हो रहे संचालन के बाद यूआईडीएआई (Unique Identification Authority of India) ने शिकंजा कस दिया है. अब राजस्थान में सिर्फ राजनेट की सुविधा वाली सरकारी जगहों पर ही आधार मशीनें संचालित हो सकेंगी और आम जनता को उन्हीं जगहों पर जाकर आधार कार्ड बनवाना होगा.

यूआईडीएआई (Unique Identification Authority of India) ने फर्जी आधार सेंटर्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. अब राजस्थान में आधार सेंटर्स सिर्फ 'राजनेट' की सुविधा वाली जगहों पर ही संचालित हो सकेंगे. अब कोई भी व्यक्ति राजनेट के दायरे से बाहर जाकर आधार मशीन संचालित करेगा तो उसके तुरंत 30 मिनट बाद उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. प्रदेश में डीओआईटी ने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, अटल सेवा केंद्र, जिला परिषद और कलेक्ट्रेट, थानों में राजनेट इंटरनेट की सुविधा दे रखी है यानी की सरकारी बिल्डिंग जहां पर राजनेट की सुविधा उपलब्ध है, उन जगहों पर आधार सेंटर्स संचालित हो सकेंगे.

परियोजना अधिकारी सीताराम स्वरूप ने बताया कि कुछ ऐसी शिकायतें मिली हैं कि राजस्थान में एक्टिवेट आधार मशीन बंगाल, ग्वालियर, असम सहित अन्य राज्यों में काम कर रही हैं और उन्हीं जगहों पर आधार कार्ड बना रही है. इसकी जांच करने के बाद करीब 50 से ज्यादा आधार कार्ड मशीनों को बंद किया गया है.

यूआईडीएआई ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि राजनेट, राजस्थान स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क के अलावा यदि कोई आधार मशीन संचालित करता है तो उसका तुरंत आईपी एड्रेस से पता चल जाएगा. दूसरे नेटवर्क से आधार मशीन संचालित करने पर तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. दूसरी तरफ यदि सरकार की ओर से आयोजित शिविर में आधारकार्ड बनाने के लिए मशीन को ले जाया जाता है तो इसके लिए पहले यूआईडीएआई की ओर से नियुक्त रजिस्ट्रार से अनुमति लेनी होगी.इसके लिए यूआईडीएआई ने राजकॉम को रजिस्ट्रार नियुक्त किया है.

गौरतलब है कि आधार कार्ड बनवाने के नाम पर ई-मित्र कियोस्क संचालकों ने ज्यादा राशि वसूलना शुरू कर दिया था. इसकी शिकायतें लगातार UIDAI के पास पहुंच रहीं थी. इसके बाद पिछले साल से यूआईडीएआई ने ई-मित्र कियोस्कों, प्राइवेट दुकानों पर संचालित आधार सेंटर्स को बंद कर दिया था. उसके बाद सिर्फ सरकारी दफ्तरों में अफसरों की निगरानी में आधार सेंटर्स चलाने के आदेश जारी हुए लेकिन कुछ शातिर आधारकार्ड सेंटर्स संचालकों ने इसका तोड़ निकालकर सरकारी दफ्तरों के एड्रेस पर मशीन अलॉट करवाकर दूसरे राज्यों में आधार कार्ड बनाने का काम कर रहे हैं.

आधारकार्ड संचालकों पर UIDAI के शिकंजे के बाद राजस्थान में आधारकार्ड सेंटर्स की संख्या काफी कम होती जा रही है, जिसके कारण एक व्यक्ति को अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए एक महीने तक का इंतजार करना पड रहा है. इतना ही नहीं, कुछ जिलों में तो लोग अपना काम छोड़कर सुबह-सुबह जल्दी लाइनों में लगकर आधार कार्ड बनवाने की जद्दोजहद कर रहे हैं.