अधिकारी-कर्मचारी हुए बेशर्म और लापरवाह, सीएम गहलोत के अभियान पर लगा रहे पलीता

अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर भले ही नो मास्क नो एंट्री का स्लोगन लगा हो, लेकिन जब यही सरकार के कारिंदे इस अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं तो क्या कहेंगे आप. 

अधिकारी-कर्मचारी हुए बेशर्म और लापरवाह, सीएम गहलोत के अभियान पर लगा रहे पलीता
जब दीपक नीचे ही अंधेरा हो तो जनता तो कैसे सुधरेगी.

अमित यादव, जयपुर: अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर भले ही नो मास्क नो एंट्री का स्लोगन लगा हो, लेकिन जब यही सरकार के कारिंदे इस अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं तो क्या कहेंगे आप. जहां अधिकतर दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी बिना मास्क (Mask) के बैठे है और एक दूसरे से गप्पे लड़ा रहे हैं. सबसे पहले ज़ी मीडिया ने दूदू के DTO दफ्तर का रियलिटी चेक किया. जहां पर खुद डीटीओ गौरव यादव, गार्ड ओर अन्य कर्मचारी बिना मास्क के काम करते नजर आए.

जब ज़ी मीडिया ने डीटीओ गौरव यादव से मास्क को लेकर सवाल किया गया. तो उन्होंने बड़ी बेशर्मी स कहा कि सब कर्मचारी अकेले ही बैठे हैं...तो मास्क की जरूरत नहीं है. जबकि गौरव यादव खुद कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. अब भी वो दुसरों को भी कोरोना संक्रमित करने में लगे हैं. दूसरा रियलिटी चेक दूदू पंचायत समिति का किया. यहां विकास अधिकारी नारायण सिंह के अलावा किसी कर्मचारी ने मास्क नहीं पहना था. यहां पर तो 90 फीसदी कर्मचारी बिना मास्क के ही जी मीडिया के कैमरे में कैद हो गए. यहां तक कि बाहर से आने वाले फरियादी भी मास्क नहीं पहन रखे थे.

अब हमारी टीम पहुंचे दूदू थाना परिसर में जहां डीओ साहब के साथ साथ अन्य पुकिसकर्मी भी मास्क नहीं पहने थे और फ़रियाद भी बिना मास्क थे. पुलिसकर्मी बिना मास्क के ही फ़रियाद सुन रहे थे. यहां पर थाना परिसर में लिखा था कि 'बिना मास्क के प्रवेश वर्जित है'.

अब दूदू हमारी टीम पहुंची आई टी सेंटर पर, तो यहां पंचायत समिति के एक कर्मचारी ने पहले ही अलर्ट कर दिया कि मीडिया वाले आ रहे हैं. सभी मास्क लगा लो. खेर साहब बेशर्म ओर लापरवाह इन कर्मचारियों को क्या फर्क पड़ने वाला था. इन बेशर्म और लापरवाह कर्मचारियों ने फिर भी मास्क नहीं लगया. यहां पर भी हालत कुछ बदले नहीं थे. यहां पर तो कुछ कर्मचारियों के सिवा सभी कर्मचारियों और फरीयादी बिना मास्क के साथ साथ सोशल डिस्टेंस की धज्जियां से उड़ा रहे थे. जब पूछा गया कि मास्क क्यों नहीं लगाया तो तरह तरह के बहाने बनाते नजर आए और ज़ी मीडिया के कैमरे को देखकर हाथ से मुंह छिपाते नजर आए. बीडीओ नारायण सिंह ने कहा कि ऐसे लापरवाह अधिकारियो के खिलाफ गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

कहते हैं ना कि जब दीपक नीचे ही अंधेरा हो तो जनता तो कैसे सुधरेगी. अब मुख्य बाजार का रियलटी चेक में हालात कुछ बदले नहीं थे. जब हमने मुख्य बाजार देखा गया तो लोग बिना रोक-टोक के बिना मुंह पर मास्क लगाएं. चाय की थड़ी या होटल्स आदि पर बिना किसी सोशल डिस्टेंसिंग के नजर आए. जबकि एसडीएम की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ आमजन भी लापरवाह हो गया है.

हालांकि हमने कुछ व्यापरियों से बात की तो उन्होंने कहा कि हम सब व्यपारियो ने मीटिंग के माध्यम से ये तय किया कि अब कोई भी व्यपारी किसी भी ग्राहक को बिना मास्क के दुकान में एंट्री नहीं देगा.

अब हमारी टीम पहुंची दूदू एसडीएम कोर्ट में जहां पहले से काफी हद तक हालात सुधरे नजर आए. यहां पर एक कर्मचारी और एक आद वकीलों के अलावा सभी ने मास्क लगा रखा था. वहीं, दूदू तहसील कार्यालय में कुछ कार्मिक ने भी मास्क नहीं लगा रखा था.

पूरे मामले को लेकर एसडीएम राजेन्द्र सिंह शेखावत से बात चीत की गई तो. उन्होंने कहा कि समय समय पर अधिकारियों ओर कर्मचारियों की बैठकें ली गई थी और सभी को निर्देश दिये गए थे, लेकिन ज़ी मीडिया के कैमरे में जो अधिकारी और कर्मचारी बिना मास्क के दिखे हैं उनको अटेंडिफाई कर कार्रवाई की जाएगी और जो जुर्माना राशि है वो वसूली जाएगी.

पूरी सरकारी मशीनरी नो मास्क-नो एंट्री अभियान को सफल बनाने में जुटी है. घर-घर पहुंच लोगों को कोविड़-19 महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन कई अधिकारी-कर्मचारी ही मास्क का उपयोग नहीं कर रहें हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जब आमजन को मास्क पहनने का मशविरा देने वाले ही नियम की पालना नहीं करेंगे तो फिर पब्लिक में क्या संदेश जाएगा. कैसे आमजन सुरक्षित रह पाएगा. कैसे कोरोना से जंग जीत पायेगा प्रदेश, लेकिन आप से ज़ी मीडिया निवेदन करता है कि आप हम सब मिलकर सरकार की गाइड लाइन की पालना करें और नो मास्क नो एंट्री अभियान को सुचारू रखे. 

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