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उदयपुर: डूंगरपुर में लोहे का बक्सा बन कर रह गई हैं ई-मित्र प्लस मशीनें, फांक रहीं धूल

आदिवासी बाहुल्य जिले में डिजिटल इंडिया का हाल बुरा है. बुरे हाल के पीछे कोई और नहीं, बल्कि जिला प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग की लापरवाही सामने आई है.

उदयपुर: डूंगरपुर में लोहे का बक्सा बन कर रह गई हैं ई-मित्र प्लस मशीनें, फांक रहीं धूल
लापरवाही के चलते ई-मित्र प्लस मशीनें सिर्फ लोहे के बक्से बन कर रह गई हैं.

डूंगरपुर: वैसे तो ई-मित्र प्लस मशीनें (E-mitra Plus Machines) पंचायत से जुड़े कामकाज के लिए लगाई गई थीं, लेकिन ज्यादातर मशीनें धूल फांक रही हैं. इस लापरवाही के पीछे कोई और नहीं, बल्कि लापरवाह सरकारी विभाग (Government Department) है. विभाग ने सरकारी कार्यालयों में ई-मित्र प्लस मशीनें (E-mitra Plus Machines) लगाई थीं, लेकिन जागरूकता के अभाव और विभागीय लापरवाही के चलते मशीनें डूंगरपुर विभागीय कार्यालयों और पंचायतों में शो पीस बनकर रह गई हैं.

आम लोगों को विभागीय कार्यों के लिए दर-दर न भटकना पड़े, इसलिए आईटी विभाग (IT Department) की ओर से प्रदेश स्तर पर टेंडर कर ई-मित्र प्लस मशीनें (E-mitra Plus Machines) खरीदी गईं. साथ ही उसी वेंडर को मशीनें इंस्टॉल करने की जिम्मेदारी भी दी गयी थी. इसके तहत डूंगरपुर जिले में 320 मशीनें दी गई थीं. इसमें से अब तक 270 मशीनें अलग-अलग कार्यालयों में लगाई गई हैं, लेकिन आम लोगों तक इन मशीनों की जानकारी ही नहीं पहुंचाई गई. इसका हश्र ये हुआ कि सरकारी कार्यालयों में लगी ये मशीनें शो पीस बनकर रह गई हैं.

विभाग ने दिया मानसून का तर्क
शहरी क्षेत्रों में बने कार्यालयों में लगी मशीने सिर्फ ई-अटेंडेंस (e-Attendance) के लिए इस्तेमाल हो रही हैं. अभी तक कार्यालयों में कार्यरत कार्मिकों को मशीन का संचालन कैसे होता है, इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है, न ही किसी ऑपरेटर को इसके संचालन के लिए नियुक्त किया गया है. विभाग का तर्क है कि मानसून के सीजन की वजह से नेटवर्किंग और हार्डवेयर फेल होने की वजह से मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो सका है, तकनीकी जानकार समस्या को सुलझाने में जुटे हैं.

फैलाई जा रही जागरूकता
इधर आईटी विभाग (IT Department) के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से ई-मित्र प्लस मशीन का उपयोग करने के लिए पंचायतों में जाकर सरपंच और सचिवों को जागरूक किया जा रहा है. साथ ही उन्हें बताया जा रहा है कि इन मशीनों के उपयोग से आमलोगों को आर्थिक लाभ के साथ उनके समय की भी बचत हो सकेगी. 

खैर जो भी हो, लेकिन डूंगरपुर जिला प्रशासन और आईटी विभाग की उदासीनता और लापरवाही के चलते ई-मित्र प्लस मशीनें सिर्फ लोहे के बक्से बन कर रह गई हैं.

Edited By : Ashish Chaubey, News Desk