जयपुर: रीको उद्यमियों को देगा सस्ते भूखंड, सालाना वसूलने वाले शुल्क में कटौती भी संभव

प्रदेश का उद्योग महकमा इन दिनों औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए नीतिगत प्रयास पर जोर दे रहा है.  

जयपुर: रीको उद्यमियों को देगा सस्ते भूखंड, सालाना वसूलने वाले शुल्क में कटौती भी संभव
रीको की समीक्षा बैठक

अंकित तिवाड़ीजयपुर: प्रदेश का उद्योग महकमा इन दिनों औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए नीतिगत प्रयास पर जोर दे रहा है. रीको की समीक्षा बैठक में भी इसका असर देखने को मिला. उद्योग मंत्री परसादीलाल लाल मीणा की अध्यक्षता में उद्योग भवन में हुई बैठक में रीको (RIICO) से जुड़ी बजट घोषणाओं, नए प्रस्तावों, संभागवार हुई बैठकों में आई समस्याओं के निपटारे, विकास कार्यों का अपडेट, नई रियायतों के मसौदे समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई. बैठक में एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल, रीको एमडी आशुतोष एटी पेडनेकर मौजूद रहे. 

रीको की समीक्षा में औद्योगिक ईकाईयों को लेकर अहम चर्चा की गई. मंदी के हालात देखते हुए रीको बड़ा निर्णय ले सकता है. औद्योगिक इकाइयों से वसूले जाने वाले शुल्क में कमी संभव है. फिलहाल 10 फीसदी की दर से शुल्क वसूला जा रहा है.
 
उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा ने रीको की समीक्षा बैठक में संकेत दिए कि अगले तीन साल के लिए सर्विस चार्ज इजाफे में छूट संभव है. इससे 30 करोड़ रुपये तक का वित्तीय भार आएगा.

उद्योग विभाग की ओर से संभागवार की गई उद्यमियों से चर्चा में सबसे अधिक शिकायतें रीको प्रबंधन को लेकर आई थी. रीको की समीक्षा बैठक में भी उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा के निशाने पर अधिकारियों की सुस्त, लापरवाह और कामचोर नीति रही. उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेताया कि प्रदेश सरकार नई नीतियों के जरिए उद्योग स्थापना और रोजगार संभावनाओं को प्रमुखता दे रही है. रीको के अधिकारी भी इसमें भागीदार बने. 

उद्योग मंत्री ने नई योजनाओं और पॉलिसियों के पोस्टर अभी तक क्षेत्रीय केंद्रों पर नहीं लगाने पर नाराजगी जाहिर की. साथ ही केवल जमीन की बिक्री पर फोकस रखने की भावना में बदलाव की बात कही. एसीए उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि रीको पर प्रदेश की नई नीतियों को लागू करने की अहम जिम्मेदारी है. साथ ही नई नीतियों को लागू करने के प्रयास भी तेज करने होंगे.

बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की प्रगति रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई. साथ ही औद्योगिक पचपदरा में स्थापित हो रही रिफाइनरी के नजदीक एकीकृत औद्योगिक जोन की स्थापना की कार्ययोजना की भी समीक्षा हुई. बैठक में बड़ी चर्चा उद्यमियों से सालाना वसूले जाने वाले शुल्क को लेकर रही. उद्योग मंत्री ने सुझाव दिया की मंदी को देखते हुए उद्यमियों से वसूले जा रहे सुविधा शुल्कों में अगले तीन साल तक इजाफा नहीं किया जाए, साथ ही सालाना वसूली की बजाय इसे तीन या पांच साल में लिया जाए. इसको लेकर रीको को कार्ययोजना बनाने की जिम्मा भी दिया गया.