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अलवर गैंग रेप मामले पर प्रकाश जावड़ेकर का बयान- 'यह सरकार की असफलता है'

जावड़ेकर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने लापरवाही की तो सरकार ने पुलिस पर कोई सख्त एक्शन क्यों नहीं लिया?

अलवर गैंग रेप मामले पर प्रकाश जावड़ेकर का बयान- 'यह सरकार की असफलता है'
जावड़ेकर ने कहा कि पिछले चार महीनों में दलित अत्याचार के 34 मामले आए हैं

जयपुर: अलवर के थानागाज़ी में महिला से उसके पति के सामने हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले पर अब केन्द्रीय मन्त्री प्रकाश जावड़ेकर ने राज्य सरकार को घेरा है. जावड़ेकर ने चुनाव के चलते दस दिन तक मामला दबाये रखने पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस मामले को किसके आदेश से दबाए रखा. जावड़ेकर ने इस मामले को सरकार का फेलियोर बताते हुए मुख्यमन्त्री अशोक गहलोत से इस्तीफे की मांग की है. 

थानागाजी में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. एक दिन पहले मुख्यमन्त्री अशोक गहलोत ने इस मामले को गैर ज़रूरी से तूल देने की बात करते हुए पूरे मामले में बीजेपी पर राजनीतिक इस्तेमाल करने के आरोप लगाए. वहीं केन्द्रीय मन्त्री प्रकाश जावड़ेकर ने बीजेपी की तरफ से जवाबी हमले की कमान संभाली है. जावड़ेकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि वारदात के बाद पहले तो पुलिस ने सुनवाई और मुकदमा दर्ज करने में देरी की और पुलिस की जानकारी में आने के बाद भी मामला दबाये क्यों रखा गया?

जावड़ेकर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने लापरवाही की तो सरकार ने पुलिस पर कोई सख्त एक्शन क्यों नहीं लिया? जावड़ेकर ने कहा कि चुनाव खत्म होने तक घटना दबाए रखने का काम किसके इशारे पर हुआ? प्रकाश जावड़ेकर ने इस मामले में सरकार और उसके मुखिया पर भी निशाना साधा. मुख्यमन्त्री के बयान का ज़िक्र करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि अशोक गहलोत हमेशा कहते हैं कि 'हर गलती कीमत मांगती है.' उन्होने कहा कि इस घटना ने भी पूरे देश को झकझोर दिया है और यह गलती भी कीमत मांग रही है. बीजेपी नेता ने कहा कि इसकी कीमत सिर्फ अशोक गहलोत का इस्तीफा ही हो सकती है.

जावड़ेकर ने कहा कि पिछले चार महीनों में दलित अत्याचार के 34 मामले आए हैं तो महिलाओं और बच्चों पर अत्यारा के 68 मामले रिपोर्ट हुए हैं. बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने अलवर आ रहे हैं, लेकिन इस मामले में किसी भी स्पष्टीकरण की बजाय उन्हें सीधे मुख्यमन्त्री का इस्तीफ़ा लेना चाहिए. 

चुनाव के आखिरी चरण से पहले थागादगाजी मामले पर हमलावर हुई बीजेपी इस मुद्दे को लगातार लोगों के बीच लेकर जा रही है. पार्टी का कहना है कि अब इस मामले की सजा लोकतान्त्रिक तरीके से जनता ही देगी.