राजस्थान में बढ़ेगी अपराधियों की परेशानी, NCRB ने शुरू किया NAFIS प्रोजेक्ट

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) फिंगर प्रिंट का नेशनल डेटाबेस तैयार कर रहा है. इसके लिए एनसीआरबी ने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम प्रोजेक्ट शुरू किया है. 

राजस्थान में बढ़ेगी अपराधियों की परेशानी, NCRB ने शुरू किया NAFIS प्रोजेक्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर.

विष्णु शर्मा, जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में फिंगर प्रिंट के सहारे अपराधियों पर पकड़ बनाने से पहले ही ढीली पड़ रही है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) ने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के तहत राजस्थान को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है. एनसीआरबी (National Crime Records Bureau) ने प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं लेकिन फिंगर प्रिंट ब्यूरो में पदों की कमी इसमें आड़े आ रही है. 

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कहते हैं क्राइम के बाद अपराधी मौके पर सबूत जरूर छोड़ता है. फिंगर प्रिंट ब्यूरो का काम मौके पर छोड़े गए अंगुलियों के निशानों के सहारे अपराधियों तक पहुंचाने का है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) फिंगर प्रिंट का नेशनल डेटाबेस तैयार कर रहा है. इसके लिए एनसीआरबी ने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम प्रोजेक्ट शुरू किया है. 

इसके तहत अपराधियों के फिंगरप्रिंट का मिलान नेशनल डेटाबेस से ऑनलाइन संभव होगा. फिंगरप्रिंट मैचिंग होने पर उसे अधिकृत माना जाएगा. एनसीआरबी ने राजस्थान को एनएएफआईएस (NAFIS) के लिए चुना है और सभी संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं, जो इंस्टॉल भी हो गए हैं, लेकिन राज्य फिंगरप्रिंट ब्यूरो में पदों की कमी इसमें बाधा बनी हुई है. 

- एनसीआरबी ने NAFIS पायलट प्रोजेक्ट में राजस्थान के साथ दिल्ली और हरियाणा को शामिल किया है.
- NCRB ने राजस्थान में नवम्बर 2019 में 46 केंद्रों पर आवश्यक कम्प्यूटर, हार्डवेयर भिजवा दिए.
- इनमें कमिश्नरेट, जिला स्तर पर 45 केंद्रों पर इन्हें इंस्टॉल करवाया जा चुका है.
- ऐसे में सिस्टम को चलाने के लिए आवश्यक कार्मिकों की जरूरत बढ़ गई है.
- PHQ से एडीजी पुनर्गठन ने पिछले दिनों राज्य फिंगर प्रिंट ब्यूरो के कैडर रिव्यू का प्रस्ताव भेजा था.
- प्रस्ताव में कहा गया है कि एनसीआरबी पैटर्न के अनुसार राज्य फिंगरप्रिंट ब्यूरो में कुल 208 पद होने चाहिए.
- वहीं PHQ से प्रस्तावित पुनर्गठन में केवल 85 पद चाहे गए हैं. 
- फिंगर प्रिंट मैचिंग का कार्य एवं विवादित दस्तावेज केसों पर फिंगरप्रिंट के मिलान संबंधी राय देने का कार्य फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ कर सकता है.
- राजस्थान में न्यूनतम उप निरीक्षक पद का अधिकारी फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ बन सकता है.
- इस कारण फिंगरप्रिंट ब्यूरो में वर्तमान में उप निरीक्षक के पद रखे गए थे, किंतु इन्हें ओपिनियन यूनिट स्तर पर सीमित कर दिया.
- जिला स्तर पर हेड कांस्टेबल को जिम्मेदारी देते हुए न्यूनतम पदों को प्रस्तावित किया गया है.
-  इससे कम पदों को रखे जाने से फिंगरप्रिंट का कार्य प्रभावित होगा. 
- ब्यूरो की नफरी में अभी मंत्रालय कर्मचारी का कोई पद स्वीकृत नहीं है, जबकि कार्यालय, पत्राचार, स्टोर, रिकॉर्ड के लिए कार्यालय सहायकों की जरूरत है.
- ऐसे में एडीजी ने ब्यूरो के पुनर्गठन में नए पद सृजित करने का प्रस्ताव भेज रखा है.
- प्रस्ताव गृह विभाग से वित्त विभाग भेजा हुआ है, जहां से मंजूरी मिलने का इंतजार है.