राजस्थान: मेवाड़ की धरती से राहुल गांधी करेंगे जीत का शंखनाद

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी की उदयपुर संभाग में बड़ी सभा का कार्यक्रम तय हुआ है.

राजस्थान: मेवाड़ की धरती से राहुल गांधी करेंगे जीत का शंखनाद
20 सितंबर को राहुल गांधी राजस्थान आ सकते हैं.

सुशान्त पारीक/जयपुर: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर से राजस्थान आ रहे हैं. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी की उदयपुर संभाग में बड़ी सभा का कार्यक्रम तय हुआ है. खबर के मुताबिक 20 सितंबर को राहुल गांधी राजस्थान आ सकते हैं. कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने बताया कि राहुल गांधी की डूंगरपुर बांसवाड़ा में सभा आयोजित की जा सकती है.

हालांकि अंतिम कार्यक्रम अभी तय नहीं हो पाया है. राहुल गांधी इसके बाद अक्टूबर में राजस्थान के अलग-अलग संभागों में दौरे करेंगे. संगठन महासचिव अशोक गहलोत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट सहित अन्य नेता राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की कवायद में जुटे हैं. उदयपुर संभाग के कांग्रेस नेताओं को भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं.

प्रदेश कांग्रेस राहुल गांधी की यह सभा ऐतिहासिक बनाने की तैयारियों में है. कांग्रेस के नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी की सभा में ऐसी भीड़ हो जो पहले कभी नहीं देखी गई हो. इस सभा के जरिए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस अपनी पूरी ताकत का भी परिचय देना चाहती है. सभा को सफल बनाने के लिए उदयपुर संभाग के अलावा अन्य संभागों के नेताओं को भी कार्यकर्ताओं को लाने के लिए कहा जाएगा.

मेवाड़ है विधानसभा चुनाव में जीत की चाबी
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी की उदयपुर संभाग यानी मेवाड़ की यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है. दरअसल मेवाड़ को विधानसभा चुनाव में जीत की कुंजी कहा जाता है. माना जाता है कि जो भी दल मेवाड़ में जीत हासिल करता है सत्ता उसी पार्टी के पास होती है. पिछले कुछ चुनाव में यह बात साबित भी हुई है. 

मेवाड़ की 28 में से 25 सीटें हैं भाजपा के पास
मेवाड़ के कि छह जिलों उदयपुर राजसमंद चित्तौड़गढ़ प्रतापगढ़ डूंगरपुर बांसवाड़ा की कुल 28 सीटें हैं. जिनमें वर्तमान में बीजेपी के पास 25 और कांग्रेस के पास दो सीट है. जबकि मेवाड़ को किसी समय में कांग्रेस का गढ़ माना जाता था. लेकिन पिछले कुछ चुनाव में कांग्रेस इस क्षेत्र में हाशिए पर आ चुकी है. ऐसे में राहुल गांधी की मेवाड़ की यात्रा कांग्रेस को फिर से जिंदा करने की कवायद भी है. मेवाड़ क्षेत्र आदिवासी इलाका है और मूल रूप से यह कांग्रेस का वोट बैंक रहा है. राहुल गांधी की मेवाड़ में सभा के पीछे एक मकसद यह भी है कि मूल वोट बैंक को एक बार फिर से कांग्रेस की तरफ ले कर आना है.