राजस्थान: PM आवास योजना की ग्राउंड रिपोर्ट में 28 जिले फेल, आकंडों ने खोली पोल

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने सभी कलक्टर को पत्र लिखकर 31 मार्च तक काम पूरा करने ही हिदायत दी है.

राजस्थान: PM आवास योजना की ग्राउंड रिपोर्ट में 28 जिले फेल, आकंडों ने खोली पोल
फाइल फोटो

जयपुर: पीएम आवास योजना में राजस्थान के 28 जिलों की ग्राउंड रिपोर्ट लाखो गरीब परिवारों के सपनों को चकनाचूर कर रहे है. पंचायतीराज विभाग की रिपोर्ट में हैरान करने वाले आकंडे सामने आए है. 5 जिलों को छोडकर सभी जिलों की रिपोर्ट बेहद खराब है. प्रदेश में अब तक 6 लाख 84 हजार आवासों का निर्माण पूरा होना था, लेकिन अब तक केवल 5 लाख 67 हजार मकानों को ही निर्माण हुआ. बाकी 1 लाख 16 हजार आवास अभी भी अधूरे है. 

ये पहली बार नहीं है जब जिला कलक्टर की लापरवाही देखी गई, बल्कि इससे पहले भी कई बार पंचायतीराज विभाग ने कलक्टर को फटकार लगाई है लेकिन इसके बावजूद भी अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही. ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने सभी कलक्टर को पत्र लिखकर 31 मार्च तक काम पूरा करने ही हिदायत दी है. यदि जिलों में अधिकारी तय समय तक कार्य पूरा नहीं करते है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

अधूरे 1 लाख 16 हजार आवासों में से 97 हजार 177 आवासों भौतिक रूप से कार्य पूरा नहीं हो पाया, 13,627 आवासों का भुगतान नहीं हुआ और 5,496 आवासों के इंनपेक्शन दर्ज होना अभी भी बाकी है. राजेश्वर सिंह ने इस रिपोर्ट पर खेद जताते हुए निर्देश दिए है कि समय रहते हुए अधूरे आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया जाए.

वहीं पांच जिले ऐसे भी हैं जिन्होनें समय रहते हुए गरीबों के आवास का निर्माण करवाया है. झुन्झुनू में सिर्फ 68 आवास, श्री गंगानगर में 724, नागौर में 505, धौलपुर में 565, हनुमानगढ़ में 336 आवास ही अधूरे हैं. लेकिन बाकी 28 जिलों की हालत बेहद खराब है. ऐसे में सवाल ये उठते है कि आखिर कब तक जिला कलक्टर की लापरवाही गरीबों की योजनाओं को पलिता लगाती रहेगी.