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राजस्थान: RAS की मुख्य परीक्षा पर विवाद, नहीं मिला गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण

आरएएस भर्ती को लेकर हिम्मत सिंह ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वह आरएएस भर्ती में 5 फीसदी आरक्षण नहीं मिलने से पूरी तरह से खफा है.

राजस्थान: RAS की मुख्य परीक्षा पर विवाद, नहीं मिला गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण
ये भर्ती विवादों में घिर चुकी क्योंकि आरक्षण को लेकर घमासान मचने के बाद कई सवाल खडे हो रहे है.

जयपुर: राजस्थान में आरएएस भर्ती को लेकर गुर्जरों और सरकार में घमासान देखने को मिल रहा है. एक तरफ किरोडी बैंसला गुट आरएएस के पदों को लेकर संतुष्ट है, वहीं दूसरी और हिम्मत सिंह ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हिम्मत सिंह आरएएस भर्ती में 5 फीसदी आरक्षण नहीं मिलने से पूरी तरह से खफा है.

राजस्थान में आरएएस मुख्य परीक्षा विवादों में घिर चुकी है. 25 और 26 जून होने वाली परीक्षा में गुर्जरों का एक गुट सरकार से उखडा हुआ दिखाई दे रहा है. मसलन यही कि गुर्जरों को इस भर्ती में 5 फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिला. सरकार ने आरएएस मुख्य परीक्षा के लिए गुर्जर समेत पांच जातियों के लिए 5 से बढाकर 36 पद करने के आदेश दिए है. 

वहीं, गुर्जर नेता हिम्मत सिंह सरकार से इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं. आरएएस के 980 पदों के हिसाब से गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण मिलता तो 49 पद एमबीसी के जरिए सुरक्षित होते, लेकिन 13 पद कम मिलने से हिम्मत सिंह गुर्जर सरकार से खफा है.

खबर के मुताबिक गुर्जर समेत पांच जातियों के 627 अभ्यर्थियों को आरएएस मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिल रहा है, जिसमें से 565 पुरूष और 62 महिलाएं परीक्षा में बैठेगे. जबकि हिम्मत सिंह की मानें तो इस भर्ती में 735 अभ्यर्थी शामिल होने चाहिए थे. जिसमें से 495 पुरूष और 240 महिलाओं को मौका दिया जाना था, लेकिन सरकार से इस फैसले से किरोडी बैंसला गुट पूरी तरह से संतुष्ट है. 

हालांकि पहले ये गुट भी सरकार से नाराज था,लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उनका गुट संतुष्ट है, लेकिन दूसरी और सरकार ने हिम्मत सिंह के फैसले को वादा खिलाफी बताया. उनका कहना है कि सरकार से समझौते के बाद ही गुर्जर समाज के अभ्यर्थियों को 5 फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिला. 

हिम्मत सिह ने सरकार से आरएएस भर्ती को रद्द करने की मांग करते हुए आरपीएससी पर बडे गंभीर आरोप लगाए है. उनका कहना था कि आरपीएससी की मिलीभगत के चलते सीएम के सामने आकंडों को गलत पेश किया गया है. ऐसे में परीक्षा से पहले ही ये भर्ती विवादों में घिर चुकी क्योंकि आरक्षण को लेकर घमासान मचने के बाद कई सवाल खडे हो रहे है.