Rajasthan: नई आबकारी नीति जारी, अब ऑक्शन से होगा शराब की दुकानों का आवंटन

Rajasthan Samachar: इसके तहत जो सबसे ज्यादा बोली लगाएगा शराब की दुकान उसी को अलॉट हो जाएगी. साथ मे अब एक ही दुकान से देशी-अंग्रेजी शराब और बीयर खरीद सकेंगे. 

Rajasthan: नई आबकारी नीति जारी, अब ऑक्शन से होगा शराब की दुकानों का आवंटन
राजस्थान सरकार नेे नई आबकारी नीति लागू कर दी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: राजस्थान सरकार ने पहली बार राजस्व बढ़ाने के लिहाज से नवाचार करते हुए  शराब की दुकानों की लॉटरी निकालने के बजाए हर दुकान का अलग-अलग ऑनलाइन ऑक्शन करने का फैसला लिया है. इसके तहत जो सबसे ज्यादा बोली लगाएगा शराब की दुकान उसी को अलॉट हो जाएगी. साथ मे अब एक ही दुकान से देशी-अंग्रेजी शराब और बीयर खरीद सकेंगे. 

नई आबकारी नीति जारी
राजस्थान सरकार ने नए आइडिया पर काम इसलिए किया है ताकि इससे राजस्व आय में इजाफा हो सके. राजस्थान सरकार ने 2021-2022 की नई आबकारी नीति जारी करते हुए यह नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है. दरअसल, Rajasthan Government ने शराबबंदी आंदोलन के बीच वर्ष 2021-22 के लिए नई आबकारी नीति जारी कर दी है.

माइक्रो ब्रेवरीज की छूट
15 साल बाद सरकार ने लॉटरी और रिन्यूअल की बजाय नीलामी के जरिए दुकानों के आवंटन का प्रावधान किया है. नई नीति में माइक्रो ब्रेवरीज की छूट दी गई है यानि होटल ताजा बीयर बनाकर बेच सकेंगे. सरकार ने एक साल में शराब बिक्री से 13 हजार करोड़ रुपए की कमाई का लक्ष्य रखा है. इस पॉलिसी में कोरोना संकटकाल में बर्बाद हुए उद्योगों को राहत देने की भी कवायद की गई है.

ये भी पढ़ें-Rajasthan Budget 2021: शहीद आश्रितों की सम्मान राशि में Gehlot सरकार कर सकती है इजाफा

 

दुकानों की संख्या में इजाफा नहीं
नई नीति में सरकार ने दुकानों की संख्या में कोई इजाफा नहीं किया है. नए वित्तीय वर्ष में भी शराब की दुकानों की संख्या 7 हजार 665 ही रहेगी. हालांकि, देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानें अब कम्पोजिट होंगी. शहरी क्षेत्रों में वार्षिक लाइसेंस फीस और स्पेशल वेंड फीस को समाप्त कर दिया गया है. अग्रिम जमा राशि 14.5 से घटाकर 8 प्रतिशत कर दी गई है.

1 वर्ष बाद ही दूसरी आबकारी नीति जारी
वर्तमान आबकारी नीति में पीओएस मशीन का प्रावधान किया था, लेकिन इम्प्लीमेंट नहीं हुआ. इसलिए इस प्रावधान को दोबारा रखा गया है. दुकानों का समय सुबह 10 से रात 8 बजे रखा गया है. जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने साल 2020-21 की आबकारी नीति दो साल के लिए जारी की थी और इसमें दुकानों के लाइसेंस रिन्यूअल का प्रावधान किया था, लेकिन एक साल में ही दूसरी आबकारी नीति जारी कर दी गई है.

आबकारी ड्यूटी में 10 प्रतिशत की कमी
यही नहीं इस नीति में भी प्रावधान किया गया है कि 2022-23 में 25 प्रतिशत वृद्धि के साथ दुकान का नवीनीकरण किया जाएगा. बीयर पर अतिरिक्त आबकारी ड्यूटी में 10 प्रतिशत की कमी की गई है. बीयर की MRP में 30 से 35 रुपए तक कमी की गई है. साथ भारत निर्मित विदेशी शराब और विदेशी आयातित शराब के अलावा अन्य आबकारी उत्पादों पर कोविड सरचार्ज को समाप्त कर दिया गया है.

ये भी पढ़ें-Rajasthan Budget 2021: CM गहलोत बोले-समन्वित विकास में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी

 

गली-गली खुलेंगे BAR!
देसी शराब के खुदरा मूल्यों में भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. नई नीति में किसी शहरी क्षेत्र में स्थानीय निकाय से होटल और रेस्टोरेंट का लाइसेंस मिल जाता है तो बिना कन्वर्जन के ही बार खोलने का लाइसेंस मिल जाएगा यानि नीति में व्यावसायिक भूखंड की बाध्यता को हटा दिया है. इस निर्णय से गली-गली बार खुलेंगे. नवीन बार लाइसेंस की स्थिति में आवेदक को संपूर्ण फीस की जगह 10 प्रतिशत अधिक राशि जम कराने का प्रावधान किया गया है.

आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी
वहीं, आबकारी नई नीति में आवेदन शुल्क बढ़ाया गया है. 50 लाख रुपए तक की रिजर्व प्राइस वाली दुकान के लिए 40 हजार आवेदन शुल्क और 50 हजार अमानत राशि, 50 लाख से अधिक और 2 करोड़ रुपए तक की रिर्जव प्राइस वाली दुकान के लिए 50 हजार आवेदन और अमानत राशि 1 लाख और  2 करोड़ से अधिक न्यूनतम रिर्जव प्राइस वाली दुकान के लिए 60 हजार आवेदन और 2 लाख अमानत राशि जमा की जाएगी.

5 से अधिक निलामी प्रक्रिया में नहीं ले सकेंगे भाग
इसमें आवेदन शुल्क नॉन-रिफंडेबल होगा. नीलामी प्रक्रिया में 1 जिल में एक व्यक्ति दो से अधिक और पूरे राज्य में 5 से अधिक दुकानों की नीलामी में भाग नहीं ले सकेगा. यदि अवैध शराब के सेवन से कोई भी दुखांतिका होगी तो सबसे पहले जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरोधक दल, संबंधित थाने, आबकारी थाने के बीट कांस्टेबल, जिला पुलिस के उप अधीक्षक, थाने के कांस्टेबल को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें-किसानों-पशुपालकों की खुशहाली का रखेंगे Budget में ध्यान: अशोक गहलोत

 

दुकान आवंटन में आएगी पारदर्शिता!
बहरहाल, इस नई पहल से शराब की दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता आने की उम्मीद है. किसी भी तरह के आरोप-प्रत्यारोप की आशंकाओं और विवादों पर विराम लग सकेगा. अब 5000 और 50 रुपए की शराब खरीदने वाले एक ही जगह आकर खड़े होंगे.