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राजस्थान: BJP विधायकों ने मुंह पर बांधी सफेद पट्टी, किया स्पीकर के निर्णय का विरोध

पूरक प्रश्न को लेकर स्पीकर की व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताने के लिए बीजेपी ने इस बार नया तरीका अपनाते हुए सदन में अपनी हाजिरी तो दर्ज कराई, लेकिन मुंह पर सफेद पट्टी बांधकर पहुंचे.

राजस्थान: BJP विधायकों ने मुंह पर बांधी सफेद पट्टी, किया स्पीकर के निर्णय का विरोध
मुंह में सफेद पट्टी बांध कर विधानसभा में बैठे विधायक.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान शुक्रवार को बीजेपी विधायकों ने स्पीकर के निर्णय के खिलाफ अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान विधानसभा के अंदर बीजेपी विधायकों ने मुंह पर पट्टी बांध रखी थी. सदन में प्रश्नकाल की व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने लगातार दूसरे दिन विरोध दर्ज कराया है.

पूरक प्रश्न को लेकर स्पीकर की व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताने के लिए बीजेपी ने इस बार नया तरीका अपनाते हुए सदन में अपनी हाजिरी तो दर्ज कराई, लेकिन मुंह पर सफेद पट्टी बांधकर पहुंचे. प्रश्नकाल में अपने सवाल का नंबर आने और नाम पुकारे जाने पर भी बीजेपी के किसी भी विधायक ने सवाल नहीं किया और इसके चलते 1 घंटे की अवधि वाला प्रश्नकाल महज आधे घंटे में ही खत्म हो गया. प्रश्नकाल तक विरोध का दायरा सीमित रखने वाली बीजेपी के विधायक गुरुवार को सदन से बाहर रहे थे.

प्रश्नकाल चला केवलआधे घंटे
शुक्रवार को बीजेपी के विधायक सदन में पहुंचे. लेकिन इस दौरान किसी भी विधायक ने सवाल नहीं पूछा. बीजेपी के विधायकों ने प्रश्नकाल में कई सवाल भी लगा रखे थे और उनका नाम भी पुकारा गया, लेकिन अध्यक्ष द्वारा नाम पुकारे जाने के बावजूद विरोध स्वरूप मुंह पर सफेद पट्टी बांधे विधायक सदन में ही बैठे रहे. इस दौरान सदन में केवल गैर भाजपाई विधायकों ने ही सवाल पूछे. बीजेपी के विरोध का असर यह रहा बजट सत्र में दूसरी बार प्रश्नकाल के सभी सवाल 1 घंटे की अवधि से पहले ही पूरे हो गए. शुक्रवार को प्रश्नकाल महज आधे घंटे चला.

स्पीकर के इस निर्णय का हो रहा विरोध
दरअसल, बीजेपी का विरोध स्पीकर की व्यवस्था पर है, जिसके तहत उन्होंने प्रश्नकाल में मूल प्रश्न कर्ता को ही पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दे रखी है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा जब तक यह खामी दूर नहीं की जाती तब तक बीजेपी विधायकों का विरोध जारी रहेगा, चाहे उन्हें यह विरोध पूरे सत्र के दौरान करना पड़े.

मंत्रियों ने करार दिया नौटंकी
लेकिन सरकार के मंत्री बीजेपी के इस विरोध को नाटक करार देते हैं. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास कहते हैं कि बीजेपी नौटंकी कर रही है. खाचरियावास ने कहा कि अगर इस मुद्दे पर कोई समाधान निकल भी जाए तो बीजेपी खबरों में छाए रहने के लिए कोई दूसरा नया बहाना ढूंढ लेगी.

प्रतिपक्ष के उपनेता ने दिया जवाब
सरकार की प्रतिक्रिया पर बीजेपी के पास भी नया बाण तैयार था. प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ कहते हैं कि सरकार सदन में जवाब देने से बचना चाहती है. उन्होंने कहा कि विपक्ष तो मुंह पर केवल पट्टी बांध कर बैठा था, जबकि सरकार के मंत्री सदन से गैरहाजिर रहकर प्रश्नकाल की महत्ता को तार-तार कर रहे हैं.

जानिए बीजेपी का तर्क
स्पीकर की व्यवस्था के विरोध में बीजेपी के अपने तर्क हैं लेकिन सरकारी उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने इस पूरे मामले में राजेंद्र राठौड़ की नीयत पर सवाल उठाया. महेंद्र चौधरी ने कहा कि राजेंद्र राठौड़ को संभवत ऐसा लगता है कि उन्हें पूरी तवज्जो सदन में नहीं मिल रही और इसीलिए वे अपनी मर्जी से बीजेपी के विधायकों को हांकना चाहते हैं.

स्पीकर से हो चुकी है मुलाकात
पूरक प्रश्न की व्यवस्था को लेकर बीजेपी नेता स्पीकर से भी मिल चुके हैं, लेकिन प्रतिपक्ष के नेता और उप नेता की मौजूदगी में स्पीकर भी अपनी मंशा साफ कर चुके हैं. अभी स्पीकर की तरफ से कोई नरमी नहीं दिख रही. ऐसे में लगता है कि विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी का विरोध ज़्यादा लंबा खिंच सकता है.

इससे पहले बीजेपी विधायक सतीश पूनिया ने इस योजना की जानकारी मीडिया को दी थी. इस दौरान पुनिया ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि बीजेपी विधायक ना पक्ष लॉबी में बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान प्रश्नकाल में केवल मूल प्रश्न करने वाले बीजेपी विधायक सदन में शामिल होंगे. जबकि अन्य विधायक ना पक्ष लॉबी में बैठकर विरोध करेंगे.