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राजस्थान: किसानों से उपज में नहीं होगा फर्जीवाड़ा, CCTV की रहेगी नजर

डीबी गुप्ता ने बताया कि खरीद के बाद उपज का उठाव समय पर और निर्बाध रूप से हो. इसके लिए परिवहन की पुख्ता व्यवस्था और मोनेटरिंग की जाए. 

राजस्थान: किसानों से उपज में नहीं होगा फर्जीवाड़ा, CCTV की रहेगी नजर
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में किसानों के समर्थन मूल्य पर खरीद पर तीसरी आंख की नजर होगी. किसानों के साथ हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में किसानों से खरीद की जाएगी. प्रदेश में सरसों, चना और गेहूं की 8 हजार 600 करोड़ से अधिक मूल्य की 29.67 लाख मीट्रिक टन उपज किसानों से खरीदी जाएगी. 

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद के दौरान कानून व्यवस्था का चाक चैबन्द प्रबंध किया जाए, ताकि खरीद में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं हो और किसानों को अपनी उपज को बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो.

डीबी गुप्ता ने बताया कि खरीद के बाद उपज का उठाव समय पर और निर्बाध रूप से हो. इसके लिए परिवहन की पुख्ता व्यवस्था और मोनेटरिंग की जाए. उन्होंने कहा, भंडारण की समस्या नहीं आने दी जाएगी, इसके लिए भंडारण निगम को निर्देशित कर दिया गया है. वहीं राजफैड और तिलम संघ के खरीद केन्द्रों पर किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें.

तहसीलदार और पटवारी को निर्देशित किया गया है कि किसानों को गिरदावरी की नकल समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे समय रहते अपना पंजीयन करा सकें. 7 मार्च से कोटा संभाग और 13 मार्च से राज्य के अन्य संभागों में सरसों और चने का पंजीकरण प्रारम्भ हो रहा है. 

यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एफएक्यू मानक में ही खरीद हो. मुख्य सचिव ने कहा कि खरीद के दौरान संयुक्त टीमों का गठन किया जाए, जो सप्ताह में एक बार खरीद व्यवस्था की बारीकी से निरीक्षण करें. उन्होंने यह निर्देश दिए कि किसानों से खरीदी गई उपज का भी रेडं चेक कर क्वालिटी को सुनिश्चित करें. मंडियों में कृषि सुपरवाइजर भी उपस्थित रहेंगे. यह सुनिश्चित किया जाए कि खरीद के दौरान तुलाई के लिए इलेक्ट्रोनिक कांटे का प्रयोग किया जाए.

राज्य सरकार की मंशा है कि समर्थन मूल्य का लाभ पात्र किसानों को मिले, इसके लिए सरसों एवं चने के पंजीयकरण में बायोमैट्रिक सत्यापन से पंजीकरण को पहली बार लागू किया गया है. कृषक ऋण माफी में डेटा अपलोड, आधार से अभिप्रमाणन को भी शीघ्रता से पूरा किया जाए तथा पीएम-सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों को समय पर लाभ मिले, इसके लिए उनके भूमि संबंधी विवरण का राजस्व रिकार्ड से त्वरित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए.