प्रवासियों से कोरोना संक्रमण रोकने के लिए राजस्थान सरकार तैयार, बनाई यह रणनीति

प्रदेश में प्रवासियों के घर लौटने के साथ ही कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ गई है. 

प्रवासियों से कोरोना संक्रमण रोकने के लिए राजस्थान सरकार तैयार, बनाई यह रणनीति
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: प्रदेश में प्रवासियों के घर लौटने के साथ ही कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ गई है. ऐसे में राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण गांव मोहल्ले स्तर तक फैलने से रोकने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं.

प्रदेश में प्रवासियों के घर लौटने के साथ ही कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ गई है. ऐसे में राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण गांव मोहल्ले स्तर तक फैलने से रोकने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. राजस्थान आने वाले प्रत्येक प्रवासी को अनिवार्य रूप से 14 दिन क्वॉरेंटाइन किया जाएगा. इसकी निगरानी के लिए 7 आईएएस अफसरों को लगाया गया है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद चिंता जता चुके हैं कि कोरोना संक्रमण को गांव तक फैलने से रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है. मुख्यमंत्री गहलोत ने एमएलए और सांसदों से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में पूर्णा को गांव तक फैलने से रोकने के लिए उनका सहयोग मांगा था. इधर सरकारी रणनीति के अनुसार संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गांव शहर के वार्ड में अंतिम छोर तक जनप्रतिनिधियों से लेकर सरकारी कर्मचारियों और आम आदमी की भागीदारी सुनिश्चित की है.

गांव से राज्य स्तर तक समिति गठित
सरकार ने वार्ड ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक प्रबंध समितियां गठित की है. प्रवासियों को होम क्वॉरेंटाइन के लिए समितियों का किया गठन किया गया है.

राज्य स्तरीय प्रबंध कमेटी
एसीएस पीडब्ल्यूडी वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कमेटी गठित की गई है. उनके सहयोग के लिए 6 आईएएस लगाए हैं. आईएएस को अलग-अलग कार्य के लिए बनाया राज्य प्रभारी बनाया गया है.
- प्रमुख सचिव आईटी अभय कुमार को क्वॉरेंटाइन के रजिस्ट्रेशन, होम क्वॉरेंटाइन के आदेश, ऑनलाइन, डिजिटल समीक्षा, क्वॉरेंटाइन का उल्लंघन की दी गई जिम्मेदारी
- प्रमुख सचिव अखिल अरोड़ा को होम क्वॉरेंटाइन की स्थानीय व्यवस्था, ऑनलाईन/डिजीटल समीक्षा / निगरानी - CQAS एवं राज कोविड इन्फो, क्वारनटीन का उल्लंधन (डिजीटल) की निगरानी रखेंगे.
- अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
- होम क्वारनटीन सिस्टम की स्थानीय व्यवस्था, प्रबंध समितियों की समीक्षा, सामुदायिक चेतना, आगमन- पंजीकरण आंकड़ों का मिलान
- क्वारनटीन उल्लंघन करने वालों को क्वारनटीन सेन्टर में भेजना आदि कार्य करेंगे.
- एसीएस राजेश्वर सिंह को ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम/पंचायत स्तर पर क्वारनटीन केन्द्र स्थापित करना एवं प्रबन्धकीय व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी है.
- प्रमुख सचिव नगरीय विकास भास्कर ए सावंत शहरी क्षेत्र के क्वारनटीन केन्द्र, पी.के. गोयल, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, राज. राज्य भण्डारण निगम को कोविड केयर सेन्टर ( ब्लॉक / शहर / जिला मुख्यालय स्तर)की निभाएंगे जिम्मेदारी.
- समिति क्वॉरेंटाइन प्रबंधन की समीक्षा कर एसीएस गृह को रिपोर्ट सौंपेगी.

उपखंड स्तर पर प्रबंध समिति
SDM की अध्यक्षता में होगी उपखंड क्वॉरेंटाइन प्रबंध समिति
समिति में विधायक, डीएसपी, बीडीओ, तहसीलदार, BCMHO, BEO, 
पालिका एक्स ईएन, प्रवर्तन अधिकारी, एसडीएम या कलेक्टर की ओर से नामित एक अन्य जनप्रतिनिधि शामिल किए गए हैं.

उपखंड स्तरीय समिति करेगी यह काम
समिति उपखंड पर कोविड केयर सेंटर की स्थापना करेगी.
उपखंड में प्रवासी के आने, उसके रजिस्ट्रेशन, क्वॉरेंटाइन की निगरानी रखेगी
गांव मोहल्ले में स्थानीय निवासियों की समिति क्रियाशील है या नहीं
होम क्वॉरेंटाइन सैंटरो मे उल्लंघन प्रकरणों की समीक्षा
रोजाना जिला स्तरीय प्रबंध समिति को रिपोर्ट देगी.

ग्राम पंचायत स्तर पर यह होगी प्रबंध समिति
ग्राम पंचायत प्रबंध समिति में सरपंच, शिक्षा अधिकारी, पटवारी, बीएलओ, ग्राम विकास अधिकारी, बीट कांस्टेबल, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल किये गए हैं.

शहरों में वार्ड स्तर प्रबंधन समिति
इस समिति में बीएलओ, पार्षद, सफाई निरीक्षक आशा सहयोगिनी, बीट कॉन्स्टेबल एएनएम शामिल किए हैं.

पंचायत वार्ड समिति के कार्य 
- ग्राम मोहल्ले की स्थानीय समिति बनाएगी.
- प्रत्येक आने वाले प्रवासी से होम क्वॉरेंटाइन की पालना करवाएगी.
- इसमें पालना कराने का मुख्य काम बीएलओ का होगा.
- क्वॉरेंटाइन की निगरानी, उल्लंघन पर एसडीएम को सूचना देंगे.
- उपखंड स्तरीय समिति के निर्देशों की पालना कराना.