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राजस्थान: विधानसभा में उठे रोडवेज कर्मचारियों, पेंशन और किसानों के मुद्दे

पुरानी से नई पेंशन योजना लागू करने को लेकर विधानसभा के प्रश्नकाल का पहला सवाल विधायक पुखराज ने पूछा

राजस्थान: विधानसभा में उठे रोडवेज कर्मचारियों, पेंशन और किसानों के मुद्दे
जिस पर शांति धारीवाल ने कहा कि जब योजना शुरू हुई थी तब भाजपा की सरकार थी

जयपुर: 15वी विधानसभा सत्र के छठे दिन 11 बजे प्रश्नकाल से कार्रवाई शुरू हुई. जिसमें पुरानी पेंशन योजना, रोडवेज कर्मचारियों को परीलाभ, शीतलहर से फसलों को नुकसान सहित 18 प्रश्न लगाए गए जिसमें से 12 प्रश्नों के ही जवाब हो पाए. जिसमें से एक सवाल कर दिया गया था स्थगित और एक सवाल को लिया नहीं गया इस तरह 10 सवालों के जवाब मिल पाए.

शीतलहर से फसलों को नुकसान पर मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने कहा दिसंबर 2018 से लेकर 11 जनवरी 2019 तक पाला, शीतलहर से फसलों के नुकसान संबंधी झालावाड़, राजसमंद और टोंक कलेक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी. इस बारे में पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री गुलाबचंद कटारिया के इस संबंधी सवाल का जवाब मौजूदा आपदा प्रबंधन मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने देते हुए यह घोषणा की. जवाब देते हुए मास्टर भंवरलाल ने कहा कि जिन जिलों की गिरदावरी रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात कही जा रही है, उसमें 25 फीसदी से ज्यादा खराबा न होने की जानकारी सामने आई है.

वहीं कटारिया ने कहा कि सरकार के पास करोड़ों रुपए है और आपने 1 जनवरी तक परीक्षण कराया है. जबकि दो जनवरी को इन जिलों में से कहीं-कहीं तो किसान का पूरा खेत ही बर्बाद हो गया. ऐसे में इन जिलों में कलेक्टर्स से कहकर ठीक तरह से दिखवा लीजिए जिससे किसानों को नुकसान न हो. इस पर मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने कहा कि टोंक संबंधी मामला आपकी सरकार में उलझा. उन्होंने कटारिया को कहा कि जब आप आपदा प्रबंधन मंत्री थे तब आपने खुद ने नोटशीट में लिखा जिसके बाद राजस्व विभाग की रिपोर्ट नहीं आई.

मेघवाल ने कहा कि जब तक राजस्व विभाग की इस बारे में रिपोर्ट नहीं आती तब तक मामले का निपटारा नहीं होगा. फिर भी आपकी मांग अनुसार टोंक,झालावाड़ और राजसमंद जिलों के कलेक्टर्स को पत्र लिखकर इनसे फिर खराबे के बारे में रिपोर्ट ली जाएगी औऱ खराबे अनुसार इन जिलों के किसानों को राहत दी जाएगी.

वहीं रोडवेज कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति परिलाभ संबंधी सवाल पर विधानसभा में आज परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने यह आश्वासन दिया कि वित्त विभाग के अधिकारियों से बातचीत करके समाधान का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने इस बारे में विधायक निर्मल कुमावत के सवाल के जवाब में कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की मांगें जन घोषणा पत्र में शामिल की गई हैं. उन्होंने कहा कि रोडवेज को घाटे से उबारना, घोटालों की जांच कराने और पेंशन परिलाभ कैसे दिए जाएं, इसे लेकर वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया जाएगा.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रोडवेज की हालत सुधारने के मामले में विधायक कुमावत और अन्य माननीय सदस्यों के सुझाव भी लिए जाकर उसके अनुसार हल निकालने का प्रयास किया जाएगा. जब खाचरियावास बोल रहे थे तो भाजपा सदस्यों ने टोकाटोकी की जिसका मंत्री ने मारवाड़ी भाषा में जवाब दिया. बार-बार ऐसा करने पर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने उन्हें सदन में गरिमापूर्ण व्यवहार करने का निवेदन करते हुए चेतावनी भी दी.

जबकि पुरानी से नई पेंशन योजना लागू करने को लेकर विधानसभा के प्रश्नकाल का पहला सवाल विधायक पुखराज ने पूछा. इस पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने की सरकार की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार यदि योजना में कोई बदलाव करती है तो उसी अनुसार प्रदेश में भी उसे लागू करने पर विचार होगा. मुख्यमंत्री के विभाग वित्त विभाग के सवाल का जवाब दे रहे धारीवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर 28 राज्य पुरानी के बजाय नई पेंशन योजना लागू कर चुके हैं और इसमें केन्द्र अनुसार ही लागू करने का राज्य निर्णय करते हैं. 

इस पर पुखराज ने कहा कि पेंशन संबंधी जो आदेश है उसमें कहीं भी यह जिक्र नहीं है कि केन्द्र की योजना को माना जाए. धारीवाल ने कहा कि जब योजना शुरू हुई थी तब भाजपा की सरकार थी. उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद ने माना है कि फाइनेंशियल स्ट्रेस के कारण नई पेंशन योजना लागू करने का निर्णय किया गया है. वहीं विधायक संयम लोढ़ा ने पूरक सवाल के जरिये पूछा कि नई पेंशन योजना से आम कर्मचारी को कितना नुकसान हुआ. इस पर जवाब देते हुए धारीवाल ने कहा कि हर कर्मचारी का वेतन और डीए का दस फीसदी अनुसार इसका अंशदान तय होता है औऱ उसी हिसाब से नुकसान तय होता है.

(इनपुट- शशि मोहन, सुशांत पारीक, भरत राज)