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राजस्थान: विधानसभा में लालचंद कटारिया ने कहा, किसानों के लाभ के लिए नई नीति पर विचार कर रही है सरकार

कृषि विपणन मंत्री लालचंद कटारिया ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में बताया कि रसीदपुरा में मंडी बनाने की घोषणा 2008 में की गई थी. यहां 90-92 दुकानें बन चुकी हैं, प्लेटफॉर्म तैयार है. विपणन मंडल कुछ ही दिनों में दुकानों का आवंटन शुरू कर देगा. कटारिया विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे. 

राजस्थान: विधानसभा में लालचंद कटारिया ने कहा, किसानों के लाभ के लिए नई नीति पर विचार कर रही है सरकार
कृषि विपणन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण के लिए एक हजार करोड़ रुपये की घोषणा की है. (फाइल फोटो)

जयपुर: कृषि विपणन मंत्री लालचंद कटारिया ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में बताया कि रसीदपुरा में मंडी बनाने की घोषणा 2008 में की गई थी. यहां 90-92 दुकानें बन चुकी हैं, प्लेटफॉर्म तैयार है. विपणन मंडल कुछ ही दिनों में दुकानों का आवंटन शुरू कर देगा. कटारिया विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे. 

उन्होंने बताया कि रसीदपुरा में सबसे मीठा प्याज पैदा होता है. इसमें पानी की मात्रा भी ज्यादा होती है. प्याज का पाउडर बनाने का प्लांट शुरू करने पर कृषि विपणन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण के लिए एक हजार करोड़ रुपए की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि सरकार ऐसी नीति लाने पर विचार कर रही है, जिसका लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों को मिल सके.  

इससे पहले विधायक गिरधारीलाल के मूल प्रश्न के जवाब में कटारिया ने बताया कि फरवरी, 2019 में सीकर जिले के प्याज उत्पादक कृषकों ने प्याज की बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीद करने के लिए महापड़ाव किया था. सीकर के अलावा राज्य के अन्य जिलों में ना तो कोई आन्दोलन किया गया, ना ही महापड़ाव किया गया. सीकर जिले में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधि मंडल द्वारा 18 फरवरी 2019 को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर एवं 22 फरवरी 2019 को रसीदपुरा में सभा कर प्याज की सरकारी खरीद बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत् करने की मांग की थी. 

27 फरवरी 2019 से कलेक्ट्रेट सीकर पर महापड़ाव शुरू किया, जिस पर जिला कलेक्टर सीकर द्वारा प्रतिनिधि मण्डल से 27 फरवरी 2019 को ही चर्चा की गई. प्रतिनिधि मण्डल की मांग थी कि बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत प्याज 10 रुपए प्रति किलो की दर से क्रय किया जाए. यह महापड़ाव 13 मार्च 2019 को खत्म हुआ.