संविधान पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आज से, स्पीकर जोशी ने बुलवाई बैठक

विधानसभा के मौजूदा सदन का तीसरा सत्र आज से शुरू हो रहा है. इस सत्र के लिए सरकार और विपक्ष दोनों तैयार दिख रहे हैं. सत्र से पहले विधानसभाध्यक्ष सीपी जोशी ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी से सदन चलाने में सहयोग की अपील की.

संविधान पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आज से, स्पीकर जोशी ने बुलवाई बैठक
इस सत्र में संविधान और संविधान सभा पर ही मुख्य चर्चा होगी..

जयपुर: राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) का विशेष सत्र आज यानी की गुरूवार से शुरू हो रहा है. दो दिन के सत्र से ठीक पहले स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. 

इस बैठक में सदन के बिजनेस पर चर्चा हुई तो साथ ही स्पीकर ने कहा कि इस सत्र में सिर्फ संविधान सभा और संविधान पर ही चर्चा होगी. स्पीकर ने सभी सदस्यों से सक्रिय भागीदारी की उम्मीद भी जताई है. 

विधानसभा के मौजूदा सदन का तीसरा सत्र आज से शुरू हो रहा है. इस सत्र के लिए सरकार और विपक्ष दोनों तैयार दिख रहे हैं. सत्र से पहले विधानसभाध्यक्ष सीपी जोशी ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी से सदन चलाने में सहयोग की अपील की. स्पीकर ने बैठक में कहा कि इस सत्र को संक्षिप्त रखा गया है और संविधान दिवस के संदर्भ में हो रहे इस सत्र में संविधान और संविधान सभा पर ही मुख्य चर्चा होगी.

बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की रक्षा करने में हम किस हद तक कामयाब रहे, क्या अच्छा कर सकते थे और ऐसे ही दूसरे मुद्दों पर संविधान की मर्यादा को ध्यान में रखकर सभी को अपनी बात सदन में रखनी चाहिए.

सदन के पहले दिन संविधान पर चर्चा में सदन के नेता यानी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया अपनी बात रखेंगे. प्रतिपक्ष के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने संविधान पर सदन में चर्चा कराए जाने का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इस विशेष सत्र में कोई प्रश्नकाल या शून्यकाल नहीं होगा लेकिन पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि संविधान पर चर्चा कराना तो अच्छी बात है लेकिन सरकार सत्र को थोड़ा लंबा चलाती तो बेहतर होता. 

सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने सदन से भागने के आरोपों को खारिज किया. जोशी ने कहा कि सदन का यह विशेष सत्र है और इसमें  संविधान पर ही चर्चा प्रस्तावित थी. महेश जोशी ने उम्मीद जताई की कि सदन के सभी सदस्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संविधान के मुद्दे पर स्वस्थ चर्चा में शामिल होंगे.

कालीचरण के आरोपों पर संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि सदन में पहले से ही विधानसभा में किसी भी मुद्दे पर चर्चा से सरकार कभी पीछे नहीं हटी है. धारीवाल ने पूर्ववर्ती सरकार के समय छोटी अवधि के सत्र बुलाए जाने का ज़िक्र करते हुए कहा कि आमतौर पर चर्चा से भागती हुई तो पिछली बीजेपी सरकार को ज़रूर देखा गया था. राजस्थान में आमतौर पर विधानसभा में इतने छोटे सत्र कम ही बुलाए गए हैं लेकिन इस सत्र की अहमियत सत्र की अवधि से ज्यादा इसके विषय को लेकर है क्योंकि इस सत्र में सिर्फ और सिर्फ संविधान और उससे जुड़े पहलुओं पर ही चर्चा होगी.