राजस्थान: विधायक कराएंगे थाने में स्वागत कक्ष का निर्माण, सरकार ने लिखा पत्र

सरकार 63 पुलिस थानों के लिए बजट दे चुकी है, लेकिन शेष 827 पुलिस थानों में स्वागत कक्ष निर्माण के लिए विधायकों का सहारा लिया जाएगा. 

राजस्थान: विधायक कराएंगे थाने में स्वागत कक्ष का निर्माण, सरकार ने लिखा पत्र
इसके लिए सरकार की ओर से जिला कलेक्टरों को पत्र लिखा गया है.

विष्णु शर्मा/जयपुर: राजस्थान के पुलिस थाने में स्वागत कक्ष का निर्माण अब विधायक कोष से किया जाएगा. सरकार 63 पुलिस थाने के लिए बजट दे चुकी है, लेकिन शेष 827 पुलिस थाने में स्वागत कक्ष निर्माण के लिए विधायकों का सहारा लिया जाएगा. इसके लिए सरकार की ओर से जिला कलेक्टरों को पत्र लिखा गया है. 

राजस्थान के पुलिस थाने में फरियादियों के साथ पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार के मामले सरकार तक पहुंचे. इसके बाद 11 मई 2019 को पुलिस मुख्यालय में हुइ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फरियादियों के साथ अच्छे व्यवहार की नसीहत दी. इसके बाद पुलिस मुख्यालय से 26 जून को थाने व सीओ ऑफिस में स्वागत कक्ष निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा. मुख्यमंत्री ने 10 जुलाई को बजट में स्वागत कक्ष की घोषणा कर दी. 

890 थाने में बनाए जाएंगे स्वागत कक्ष
राजस्थान के 890 थाने में बनाए जाएंगे स्वागत कक्ष. प्रत्येक स्वागत कक्ष के निर्माण पर 5 लाख का खर्च होंगे. एक स्वागत कक्ष में तीन सीटर की 4 बैंच के साथ दो सेंटर टेबल भी लगाई जाएंगी. थाने में 3560 बैंच, 1780 सेंटर टेबल लगेंगी. एक सेंटर टेबल 6 हजार व बैंच पर दस हजार का खर्चा आएगा. स्वागत कक्ष निर्माण पर 44 करोड़ से अधिक का खर्च संभावित है. 

63 थाने के लिए बजट मंजूर 
बजट घोषणा के बाद राज्य सरकार ने चरणबद्ध रूप से थाने में स्वागत कक्ष निर्माण की योजना बनाई. इसके बाद 63 थाने में स्वागत कक्ष निर्माण के लिए वित्त विभाग ने 4 करोड़ 41 लाख रुपए किए स्वीकृत कर दिए. 

अब विधायक कोष से होगा निर्माण
सरकार के पास बजट की कमी को देखते हुए पिछले दिनों में मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय लिया गया कि स्वागत कक्ष का निर्माण विधायक कोष से कराया जाए. इसके बाद मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की ओर से जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए. साथ ही, एसीएस गृह राजीव स्वरूप को समीक्षा और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई. 
 
एसीएस गृह ने लिखा पत्र
इधर जिला कलेक्टरों से कोई जानकारी नहीं आई तो 27 दिसम्बर को एसीएस गृह राजीव स्वरूप ने फिर पत्र लिखा. एसीएस गृह ने जिला कलेक्टरों को विधायकों से सम्पर्क कर उनकी सहमति लेने की जानकारी नहीं देने पर नाराजगी जताई. जल्द ही इसकी जानकारी व रिपोर्ट तुरंत भिजवाने के निर्देश दिए.