close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए तैयार की गई विशेष आयुर्वेदिक दवा

अजमेर में भी संयुक्त कर्मचारी महासंघ की ओर से जिला कलेक्ट्रेट परिसर में काढ़ा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

राजस्थान: स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए तैयार की गई विशेष आयुर्वेदिक दवा
राजस्थान में स्वाइन फ्लू से 51 लोगों की मौत हो चुकी है

अजमेर: राजस्थान में तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू बीमारी को देखते हुए विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन की ओर से आयुर्वेद विभाग से तैयार किया गया काढ़े का वितरण किया जा रहा है. अजमेर में भी संयुक्त कर्मचारी महासंघ की ओर से जिला कलेक्ट्रेट परिसर में काढ़ा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. 

इस कार्यक्रम में जिला अधिकारी विश्व मोहन शर्मा ने बच्ची को काढ़ा पिलाकर शुरुआत की. इसके बाद परिसर में मौजूद 2000 कर्मचारी व साथ साथ वहां मौजूद विभिन्न लोगों ने गाड़ी का लाभ उठाया. इस मौके पर जिला कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा ने कहा कि काढ़ा स्वाइन फ्लू सहित मौसमी बीमारियों के लिए बचाव कारक है इसीलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका सेवन करना चाहिए. 

इस मौके पर उन्होंने संयुक्त कर्मचारी महासंघ को धन्यवाद देते हुए शिक्षा विभाग की ओर से गांव-गांव ढाणियों तक काढ़ा वितरण शिविर लगाने के निर्देश दिए जिससे कि राजस्थान में भयावह हो रही स्वाइन फ्लू की बीमारी से निजात मिल सके. संयुक्त कर्मचारी महासंघ की ओर से आयोजित इस काढ़ा वितरण कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग के सहयोग से आगामी दिनों में तहसील में पंचायत स्तर पर ऐसे कार्यक्रम को तैयार किया जा रहा है.

इस आयुर्वेदिक दवा से स्वाइन फ्लू जैसी बीमारी को रोकने का काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार स्वाइन फ्लू को रोकने के लिए अपनी तरफ से पूर्ण व्यवस्था कर रही है लेकिन कर्मचारी भी अपना कर्तव्य समझ कर इस काम को करने में जुटे हैं. अजमेर जिले में 1 माह के भीतर स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से करीब 3 लोगों की मौत हो चुकी है इसके साथ ही 190 सस्पेक्ट में से 27 पॉजिटिव अस्पतालों में भर्ती है ऐसे में तेजी से फैल रही इस बीमारी से बचाव के लिए लोग अस्पतालों के साथ आयुर्वेदिक दवाओं का सहारा ले रहे हैं.

क्या है स्वाइन फ्लू 
स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है. इसमें मरीज को जुकाम, गले में खराश, सर्दी खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है. यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को तीव्रता से प्रभावित करता है. यह खांसने, छींकने व छूने से फैलता है. इसके साथ ही संक्रमित होने से 5-7 दिन में यह लक्षण दिखाई देना शुरू हो जाते हैं. 

मरीज भी रखे सावधानी 
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने के बाद मरीज सबसे पहले चिकित्सकीय परामर्श लें. इसके साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी से दूर रहें. साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें. खांसते या छींकते समय मुंह ढंक दें. सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें.