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राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र गुरूवार से, पहले दिन संक्षिप्त रहेगी कार्यवाही

 इस बार के सत्र में अशोक गहलोत सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट भी पेश करेगी. सत्र को लेकर बीजेपी ने  भीा विधायक दल की बैठक कर ली है.

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र गुरूवार से, पहले दिन संक्षिप्त रहेगी कार्यवाही
विपक्ष ने भी इस सत्र के लिए अपनी तैयारियां कर ली है.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का सत्र गुरूवार से शुरू होगा. इस बार के सत्र में अशोक गहलोत सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट भी पेश करेगी. सत्र के लिए जहां बीजेपी अपने विधायक दल की बैठक पहले की करके तैयार हो चुकी है, वहीं कांग्रेस ने भी सत्र से ठीक पहले अपने विधायकों को चर्चा के लिए बुलाया. हालांकि इस बार सत्र को व्यवस्थित चलाने के लिए स्पीकर सीपी जोशी ने सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, लेकिन विपक्ष की तैयारी को देखते हुए इस बार का सत्र खासा रोचक रहने के आसार हैं. 

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद विधानसभा के पहले सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी. हालांकि पहले दिन संक्षिप्त अवधि के लिए ही चलेगी, लेकिन इस सत्र में सबसे महत्वपूर्ण होगा सरकार का बजट. दरअसल अशोक गहलोत अपनी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट इसी सत्र में रखेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार 8 जुलाई को राजस्थान का बजट पेश किया जा सकता है. 

वहीं सत्र से पहले सभी ने अपनी-अपनी तैयारियां भी मुकम्मल कर ली है. संसदीय कार्य मन्त्री शांति धारीवाल ने इस बार सदन सुचारू तरीके से चलने की उम्मीद जताई है. धारीवाल कहते हैं कि स्पीकर की तरफ़ से बनाये गए नियम कायदों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही सम्मान करते हैं. साथ ही पूरी तरह इसकी पालना भी करेंगे. धारीवाल ने कहा कि अगर विपक्ष अच्छी तरह से वाद-विवाद में भागीदारी करेगा तो सरकार विपक्ष के हर मुद्दे का संतोषजनक जवाब देगी. 

इधर विपक्ष ने भी इस सत्र के लिए अपनी तैयारियां कर ली है. इसके लिए बीजेपी तो दस दिन पहले ही विधायक दल की बैठक में मन्त्रणा कर चुकी है. सभी विधायकों को मुद्दों पर तैयारी के साथ सरकार को घेरने को कहा गया है. प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ कहते हैं कि इस बार सरकार ने विपक्ष को खूब मुद्दे दिये हैं. राठौड़ कहते हैं कि किसानों की कर्ज माफी से लेकर बेरोजगारों को भत्ते और प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे प्रमुख रहेंगे और हर मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा. 

किसानों के मुद्दे उठाने की तैयारी तो दूसरे दलों ने भी कर रखी है. माकपा के विधायक बलवान पूनिया कहते हैं कि प्रदेश के किसान की हालत ज्यादा अच्छी नहीं है और किसान के मुद्दे उठाने में वे किसी स्तर पर पीछे नहीं रहने वाले.  लेकिन विपक्ष की तैयारियों के प्रति सत्ता पक्ष भी सजग है. सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी कहते हैं कि सरकार हर मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा के लिए तैयारी है. जोशी का कहना है कि सत्ता पक्ष का फ्लोर मैनेजमेन्ट पूरी तरह पुख्ता होगा और सरकार किसी मुद्दे पर कमज़ोर नहीं पड़ेगी. उन्होंने कहा कि सरकार के मन्त्री भी पूरी तैयारी से आएंगे और हर सवाल का जवाब देंगे

सरकार ने भले ही विधानसभा के बजट सत्र के लिए तैयारियां पूरी कर रखी हो, लेकिन इस बार का सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं. पिछली विधानसभा में कांग्रेस के 24 विधायकों ने ही सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे उठाये थे. वहीं इस बार बीजेपी के 72 विधायक भी पीछे रहने वाले नहीं दिख रहे. अबकी बार तो बीजेपी को आरएलपी के दो विधायकों का साथ भी मिलता दिखेगा.