सिनेमा में महिलाओं की छवि को लेकर बोलीं रसिका दुग्गल, कहा कुछ ऐसा

उनका मानना है कि यहां महिलाओं की पुरानी छवि तोड़ने के लिए नई छवि गढ़ने का प्रयास किया जा रहा है.

सिनेमा में महिलाओं की छवि को लेकर बोलीं रसिका दुग्गल, कहा कुछ ऐसा
रसिका फिल्म 'मंटो' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ नजर आईं थीं.

नई दिल्ली: अभिनेत्री रसिका दुग्गल का कहना है कि पर्दे पर जिस तरह भारतीय महिलाओं की छवि बदल रही है, यह अच्छा संकेत है, लेकिन उनका मानना है कि यहां महिलाओं की पुरानी छवि तोड़ने के लिए नई छवि गढ़ने का प्रयास किया जा रहा है. बता दें कि रसिका वेब सीरीज 'मिर्जापुर' में रसिका एक गृहणी की भूमिका में हैं, जो एक जटिल और नकारात्मक किरदार है.

सिनेमा में भारतीय महिलाओं की बदलती छवि पर अपने विचार साझा करते हुए, रसिका ने मीडिया को बताया, 'मुझे लगता है कि हम सिनेमा में महिलाओं की रूढ़िवादी छवि को तोड़ने के लिए एक नई छवि गढ़ रहे हैं. यह इस हद तक हो रहा है कि महिलाएं, पुरुषों जैसी दिखने लगी हैं. मेरा मतलब है कि निश्चित रूप से यह महिलाओं की सही तस्वीर नहीं है'.

आपको बता दें कि एक्सेल मीडिया और एंटरटेंमेंट द्वारा निर्मित 'मिर्जापुर' में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, विक्रांत मेस्से, श्वेता त्रिपाठी और दिव्येन्दु शर्मा जैसे सितारे प्रमुख भूमिकाओं में हैं. वहीं रसिका ने वेब सीरीज में काम करने को लेकर कहा कि वह उन लेखकों पर एक सीरीज करना चाहती हैं, जिन्हें भुला दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि ऐसे लेखकों के विचारों और कहानियों को देश के युवाओं के बीच जिंदा रखा जाए. रसिका ने एक बयान में कहा, "मंटो की तैयारी और प्रचार के दौरान मैंने महसूस किया कि ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने मंटो को पढ़ा और वे उसे साझा करने के लिए उत्सुक हैं. साथ ही फिल्म के बारे में जानने के बाद कई लोगों को मंटो को पढ़ने की उत्सुकता हुई."

रसिका ने कहा, "उस समय मंटो और इस्मत चुगताई, कृष्ण चंदर, राजिंदर सिंह बेदी जैसे उनके कई समकालीन साहित्यकार थे. मुझे लगता है कि यह जरूरी है कि उनके विचारों और कहानियों को युवाओं को बीच रखा जाए." बता दें कि रसिका फिल्म 'मंटो' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ नजर आईं थीं.

(इनपुट-आईएएनएस)