जयपुर: आज निकाली जाएगी प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों की आरक्षण लॉटरी

गांव की सरकार चुनने का समय आ गया है. जयपुर में सभी की निगाहें आज निकलने वाली जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी पर टिकी हुई है.

जयपुर: आज निकाली जाएगी प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों की आरक्षण लॉटरी
प्रतीकात्मक तस्वीर

दीपक गोयल, जयपुर: गांव की सरकार चुनने का समय आ गया है. जयपुर में सभी की निगाहें आज निकलने वाली जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी पर टिकी हुई है. जयपुर जिला परिषद पर आधी आबादी पूरा हक जमाएगी. 

जिला प्रमुख पद पर जहां महिला काबिज होनी है वहीं परिषद सदस्यों में भी आधे सदस्यों की लॉटरी महिलाओं के नाम खुलेगी. इसी तरह प्रधानी में भी महिलाओं का दबदबा होगा. पंचायत समिति के प्रधान की 21 में से 10 सीटें महिला दावेदारों के लिए होंगी. पंचायत समिति सदस्यों में भी महिलाओं की भागीदारी अहम होगी. इसके पीछे की वजह ग्रामीण राजस्थान महिलाओं को लोकतांत्रिक पद्धति में आगे की पंक्ति में लाना है.

उधर सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इस बार जयपुर जिले में नई बनी छह पंचायत समितियां एससी-एसटी के लिए रिजर्व रहेंगी, जिसमें तुंगा, आंधी, जालसू प्रधान की सीट एसटी वर्ग के लिए आरक्षित होगी. इसी तरह मौजमाबाद, माधोराजपुरा, किशनगढ़-रेनवाल और जोबनेर प्रधान की सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित होगी और 3 सीट ओबीसी, 11 सीट सामान्य वर्ग की होगी.

इनमें से एससी महिला की 2 सीटें, एसटी महिला की 1 सीट, ओबीसी महिला की 1 सीट और सामान्य वर्ग महिला की 6 सीटों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी. वहीं जिला परिषद के 51 वार्डों में 9 एससी, 6  एसटी, 10 ओबीसी और 26 सामान्य वर्ग के लिए रहेंगी. इनमें से एससी महिला की 4 सीटें, एसटी महिला की 3 सीटें, ओबीसी महिला की 1 सीट और 13 सीटें सामान्य महिला वर्ग के लिए रहेंगी.

उधर पंचायत समिति के 443 वार्डों में एससी वर्ग के लिए 77 वार्ड, एसटी वर्ग के लिए 49 वार्ड, ओबीसी वर्ग के लिए 73 वार्ड और सामान्य वर्ग के लिए 244 वार्ड आरक्षित होंगे. इनमें से एससी महिला के लिए 34 वार्ड , एसटी महिला वर्ग के लिए 20 वार्ड, ओबीसी महिला महिला के लिए 30 वार्ड और सामान्य महिला के लिए 127 वार्डों की लॉटरी निकाली जाएगी.

पंचायत समिति, जिला परिषद के वार्डों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या के प्रतिशत के आधार पर अवरोही क्रम में व्यवस्थित कर अधिकतम प्रतिशत वाले वार्डों का अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण किया जाएगा. कुल जनसंख्या का 21 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पदों (वार्डों की संख्या) का निर्धारण किया जाएगा.