बाड़मेर लोकसभा सीट पर उम्मीदवारी को लेकर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने खोला मोर्चा

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि मूल कांग्रेस को संरक्षण मिले, यह मेरी सोच थी और मेरा यह संघर्ष जारी रहेगा

बाड़मेर लोकसभा सीट पर उम्मीदवारी को लेकर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने खोला मोर्चा
बाड़मेर से पूर्व सांसद रह चुके हरीश चौधरी लोकसभा सीट के लिए अपनी दावेदारी भी जता चुके हैं

भूपेश आचार्य/जयपुर: पश्चिमी राजस्थान की बाड़मेर, जैसलमेर लोकसभा में इस बार मूल कोंग्रेसी पर आकर अटकता नजर आ रहा है. भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम कर झालरापाटन में वसुंधरा राजे से दो दो हाथ करने वाले मानवेन्द्र सिंह की तय बाड़मेर टिकट पर अब राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने मोर्चा खोल लिया है.

राजस्थान के रण में सबसे प्रबल योद्धा वसुंधरा राजे के सामने चुनावी युद्ध लड़ने वाले मानवेन्द्र सिंह को अब अपनी ही जमीन में शब्दों के बाण झेलने पड़ रहे है. कल तक जो लोकसभा मानवेन्द्र के लिए खुला कालीन था, वहां अब शब्दों से विरोध की ज्वाला लग चुकी है. बाड़मेर में सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हरीश चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 'मैंने तैयारी कभी नहीं की. वहीं टिकट की दावेदारी के संदर्भ में कहा कि बाड़मेर में कांग्रेस मजबूत थी वो रहनी चाहिए. कांग्रेस के ऊपर किसी भी सोच और विचार का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए. 

उन्होंने कहा कि मूल कांग्रेस को संरक्षण मिले, यह मेरी सोच थी और मेरा यह संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने अपने ही पार्टी के बाड़मेर-जैसलमेर सीट से दावेदार मानवेन्द्रसिंह जसोल पर निशाना साधते हुए कहा कि 'मैंने कभी तैयारी नहीं की. मैं किसी स्वाभिमान के तहत, मूंछ के तहत और ना पूंछ के तहत. लोकसभा चुनाव में तैयारी के सवाल पर हरीश चौधरी ने कहा कि 'पार्टी ने मुझे बिना मांगे तीन बार टिकट दिया. इस बार भी दावेदार का निर्णय पार्टी ही करेगी.'

राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने दो दिन पहले ही एक बयान देकर कर्नल सोनाराम चौधरी को भाजपा छोड़ अपनी मूल जगह कांग्रेस में आने का सार्वजानिक तौर पर न्यौता दिया था और अब स्वाभिमान को लेकर भी कटाक्ष करते नजर आ रहे हैं. वह मूल कांग्रेस के नाम पर मानवेन्द्र सिंह पर अपने शब्दों से तीर चला रहे है. जिससे यह लगता है कि मानवेंद्र सिंह और हरीश चौधरी के बीच सब ठीक-ठाक नहीं है. 

राजस्थान के राजस्व मंत्री और बाड़मेर से पूर्व सांसद रह चुके हरीश चौधरी लोकसभा सीट के लिए अपनी दावेदारी भी जता चुके हैं लेकिन अभी तक कांग्रेस ने अपने पत्ते खोले नहीं है. उससे पहले ही हरीश चौधरी का यह कटाक्ष आने वाले दिनों में राजनीति में बड़ी चर्चा का विषय बन सकता है.