जयपुर: बस्सी कस्बे में बहुमंजिला इमारतों का हो रहा निर्माण, नियमों को किया जा रहा दरकिनार
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जयपुर: बस्सी कस्बे में बहुमंजिला इमारतों का हो रहा निर्माण, नियमों को किया जा रहा दरकिनार

बस्सी कस्बे में बनी बहुमंजिला इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है.

जयपुर: बस्सी कस्बे में बहुमंजिला इमारतों का हो रहा निर्माण, नियमों को किया जा रहा दरकिनार

बस्सी (जयपुर): बस्सी कस्बा बहुमंजिला इमारतों का शहर बनता जा रहा है. नियमों को दरकिनार कर तंग गलियों में भी बहुमंजिली इमारतें धड़ल्ले से बन रही है. बस्सी कस्बे में बनी बहुमंजिला इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है. जिसपर ग्रामपंचायत व JDA भी आंखें मूंदे है. क़स्बे की गलियां इतनी संकरी है कि यदि आग लग गयी तो दमकल भी घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकती. 

वहीं दूसरी ओर अग्निशमन विभाग आज भी वही पानी वाली दमकल पर निर्भर है. विभाग के पास वैसे कोई उपकरण नहीं है जो तंग गलियों से होते हुए घटना स्थल तक पहुंच सके. बात की जाए प्रशासन की तो उसका ध्यान शायद इस ओर नहीं है. गलती से भी बस्सी कस्बे के बाजार में कभी आगजनी की घटना हो जाये तो कैसे शीघ्र इस पर काबू पाया जाये. 

अगर बात की जाए बस्सी के बाजार की. इन गलियों में बाजार की तो यहां प्रतिदिन करोड़ों का कारोबार होता है. लेकिन यहां की सुरक्षा भगवान भरोसे है. यदि गलती से आग लग गयी तो सब कुछ खाक हो जायेगा. यहां आसपास के सैकड़ों गांवों के लोग बाजार करने आते हैं. इस दौरान भीड़ के कारण संकरी गलियों में पैदल चलना मुश्किल भी होता है. 

अब देखने वाली बात ये हैं कि प्रशासन कब तक इस तरफ ध्यान देता हैं या फिर कोई सूरत जैसी घटना की पूर्नावृति की बाट जोह रहा है. बस्सी कस्बे में सभी कोचिंग संस्थान व व्यवसायिक भवन बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं.

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