Rajasthan में महंगी बिजली और किसानों की सब्सिडी को लेकर BJP ने बोला सरकार पर हमला!

डॉ. पूनिया ने कहा कि बिजली छीजत रोकने में गहलोत सरकार पूरी तरह नाकाम है. विद्युत विभाग (Electricity Department) की प्रशासनिक लापरवाही की वजह से छीजत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 

Rajasthan में महंगी बिजली और किसानों की सब्सिडी को लेकर BJP ने बोला सरकार पर हमला!
डॉ. पूनिया ने कहा कि बिजली छीजत रोकने में गहलोत सरकार पूरी तरह नाकाम है.

Jaipur: बीजेपी (BJP) प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) से सवाल किए हैं. पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने सवा 2 सालों से जो ₹833 प्रतिमाह की किसानों की सब्सिडी बंद की थी, अब यह सवा 2 सालों की बकाया राशि सरकार किसानों को कब लौट आएगी?

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डॉ. पूनिया ने कहा कि बिजली छीजत रोकने में गहलोत सरकार पूरी तरह नाकाम है. विद्युत विभाग (Electricity Department) की प्रशासनिक लापरवाही की वजह से छीजत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. यहां तक की रबी की फसल की सिंचाई के लिए किसानों को दिन में बिजली देने में सरकार विफल रही, जिससे रात में कड़ाके की ठंड में सिंचाई करने के दौरान प्रदेश में कई किसानों की मौत हो गई थी.

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डॉ. पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया 150 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 2 माह में बिल आएगा, जबकि बाकि उपभोक्ताओं के साथ कुठाराघात क्यों किया जा रहा है, प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं के प्रति 2 माह में ही बिल आने का प्रावधान सरकार क्यों नहीं कर रही है?

सरकार पर बेवजह पीठ थपथपाने का आरोप
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा के नाम पर अपनी झूठी पीठ थपथपा रही है, जबकि सौर ऊर्जा के प्रोत्साहन में केंद्र सरकार की बड़ी भूमिका है. वहीं प्रदेश में ऊर्जा के स्रोतों को विकसित करने के लिए राज्य सरकार को जिस तरीके से काम करने की जरूरत है, वह धरातल पर नहीं हो पा रहा है, सिर्फ सरकार झूठी वाहवाही लूट रही है.

पीएम कुसुम योजना की पूनिया ने की तारीफ
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत सौर पंपों को रियायत पर किसानों को उपलब्ध करा रही है, जिससे किसानों को बड़ा संबल मिल रहा है. साथ ही मोदी सरकार किसानों की बंजर जमीनों पर सोलर प्लांट लगाने में मदद कर रही है, जिससे किसान स्वयं भी बिजली का उपयोग कर रहे हैं और अधिक बिजली उत्पादन होने पर ग्रिड को भी बेच सकेंगे.

पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार बिजली बिलों में फ्यूल सरचार्ज सहित विभिन्न शुल्क लगाकर महंगी बिजली से प्रदेश के किसानों और आमजन के  हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है.

राजस्थान में है महंगी बिजली
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 96 प्रतिशत बिजली का उत्पादन होने के बावजूद भी प्रदेश सरकार के द्वारा 3 बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की है, साथ ही टैरिफ, फ्यूल सरचार्ज, फिक्स चार्ज, सेस आदि में बढ़ोतरी कर कोरोनाकाल में आम उपभोक्ता एवं किसानों पर आर्थिक बोझ डालकर उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया.
पूनिया ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के मुकाबले सबसे महंगी बिजली राजस्थान में उपभोक्ताओं को दी जा रही है, जिससे आमजन परेशान है. राज्य सरकार से मांग है कि कोरोनाकाल के दौरान के तीन माह के बिजली के बिलों को राज्य सरकार ने स्थगित किया गया था, उन बिलों को माफ कर आमजन को राहत प्रदान की जाए.