झुंझुनूं प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल, शहीद की अंतिम यात्रा में ना पहुंचने पर गुस्सा

शहीद का अपमान हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. शहीद की कोई जाति धर्म नहीं होता, वह तो देश की धरोहर होता है.

झुंझुनूं प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल, शहीद की अंतिम यात्रा में ना पहुंचने पर गुस्सा
झुंझुनूं के मलसीसर तहसील के कोलिंडा निवासी मोहसिन जम्मू कश्मीर क्षेत्र के नौशेरा पाकिस्तान की गई सीज फायर के उल्लंघन में शहीद हो गया था.

सदीप केडिया, झुंझुनूं: शहीद का अपमान हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. शहीद की कोई जाति धर्म नहीं होता, वह तो देश की धरोहर होता है. शहीद मोहसिन ने देशवासियों की हिफाजत के लिए अपनी जान दी है, लेकिन शासन और प्रशासन ने शहादत का अपमान किया है. यह कहना है 31 जुलाई 2020 को शहीद हुए झुंझुनूं के लाडले मोहसिन के परिजनों का. ग्रामीणों में बहुत अधिक गुस्सा है. एक बेटे ने देश के लिए अपनी जान दे दी, लेकिन जिला प्रशासन का कोई नुमाइंदा अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ. ना ही प्रशासन की ओर से कोई सम्मान पेश किया गया. सिर्फ एसएचओ मौके पर मौजूद थी. नहीं प्रशासन की ओर से कोई तैयारी की गई. जल्दबाजी में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया.

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झुंझुनूं के मलसीसर तहसील के कोलिंडा निवासी मोहसिन जम्मू कश्मीर क्षेत्र के नौशेरा पाकिस्तान की गई सीज फायर के उल्लंघन में शहीद हो गया था. शहीद मोहसिन का पार्थिक देह गांव पहुंचा। सुपुर्द ए खाक किया गया. प्रोटोकॉल के अनुसार शहीद का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। जिला प्रशासन की ओर से रिच लेह (पुष्प चक्र) भी नहीं चढ़ाए गए. प्रशासन और सरकार का कोई भी नुमाइंदा मौजूद नहीं था. कायमखानी महासभा के राजस्थान के संयोजक कर्नल शौकत खान कहते है कि शहीद तो देश की धरोहर है. यह बहुत ही शर्म की बात है. प्रशासन ने शहीद का अपमान किया गया है. प्रशासन की ओर से कोई व्यक्ति दाह संस्कार में मौजूद नहीं होना, बहुत शर्म की बात है.

इस राष्ट्रभक्त परिवार को अपने लाडले की शहादत के अपमान पर गुस्सा है. इस परिवार के 11 लोग सेना में कार्यरत है। शहीद का पिता भी सेना से रिटायर्ड है. बड़ा भाई भी सेना में है. परिजनों का कहना है कि उनके लाडले को पूरा सम्मान नहीं मिला है. जहां पर भी गलती रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. शहीद मोहसिम के बडे चाचा यूनुस का कहना है कि शहीद को अंतिम सलाम के वक्त पूरा सम्मान नहीं मिला. प्रशासन के आलाधिकारी जिला एसडीएम, जिला कलेक्टर, एसपी सभी मुख्यालय पर मौजूद थे, लेकिन कोई भी शहीद के सम्मान में अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ. यह बहुत ही अपमान है.

शहीद मोहसिन के अंतिम संस्कार में शासन और प्रशासन से कोई भी नुमाइंदा शामिल नहीं हुआ. कांग्रेस नेता खालिल बुडाना है सरकार के सामने उठाने की बात कही है. उन्होंने कहां कि ऐसे शहीद का अपमान देश का अपमान है. शहीद मोहसिन ने देश के लिए अपनी जान दी है.

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