सीकर: फाटक पर अंडरपास की मांग को लेकर लगातार 71वें दिन धरने पर लोग

धरने पर बैठे लोगों को समझाइश के लिए जिला प्रशासन कई दफा प्रयास कर चुका है लेकिन आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि वो जब ही उठेंगे जब काम शुरू होगा.

सीकर: फाटक पर अंडरपास की मांग को लेकर लगातार 71वें दिन धरने पर लोग
प्रतीकात्मक तस्वीर

सीकर: राजस्थान के सीकर के नीमकाथाना में 76 नंबर फाटक पर अंडरपास चालू कराओ संघर्ष समिति का 71 दिन भी धरना जारी है. संघर्ष समिति के अध्‍यक्ष सांवलराम के नेतृत्व में काफी संख्‍या में ग्रामीण धरने पर बैठे हैं और अभी तक धरने यज्ञ प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन अभी तक समस्‍या का समाधान नहीं हुआ है. ग्रामीणों की मांग है कि रेलवे फाटक संख्‍या 76 से कई दर्जनों गांवों के लोगों का नीम का थाना का आवाजाही का रास्‍ता है. इस रेलवे फाटक पर अंडरपास प्रस्‍तावित था लेकिन बाद में उसे नहीं बनाया गया. जिससे ग्रामीणो को आने जाने में दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता है. 

कई किलोमीटर की दूरी तय कर नीम का थाना जाना पड़ता है जबकि इस डबल अंडरपास के लिए केन्‍द्र सरकार की स्‍वीकृति जारी हो चुकी है लेकिन नगर पालिका की ओर से जमीन अधिग्रहण नहीं करने से डबल अंडरपास नहीं बन सका है. बच्‍चों और आमजन को रेलवे लाइन क्रॉस करके जाना पड़ता है और नीम का थाना जाने के लिए एक डंडे को तोड़कर ग्रामीणों का जाना पड़ता है. बच्‍चे रेलवे लाइन क्रॉस करते हैं और कई दफा बाइक सवार भी एसी गलती करते हैं जिसके कारण बड़ा हादसा हो सकता है.

धरने पर बैठे लोगों को समझाइश के लिए जिला प्रशासन कई दफा प्रयास कर चुका है लेकिन आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि वो जब ही उठेंगे जब काम शुरू होगा. धरने पर बैठे लोगों को भाजपा के पूर्व विधाकय प्रेम सिंह बाजौर, वर्तमान विधायक सुरेश मोदी भी मिल कर समस्‍या जान चुके हैं. बाजौर ने कहा कि ग्रामीणों की मांग जायज है और सरकार को इस मांग को जल्‍द पूरा करना चाहिए. अगर मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा.

बाजौर ने बताया कि नगरपालिका ने सहयोग नहीं किया जिससे आज लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. भूमि अधिग्रहण के लिए पूर्व में राज्य सरकार मुआवजा देने के लिए तैयार थी लेकिन नगरपालिका की मंशा ठीक नहीं होने के कारण आज तक भूमि अधिग्रहण नहीं हो सका जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामान करना पड़ रहा है.

वहीं वर्तमान में कांग्रेस से विधायक सुरेश मोदी ने बताया कि आंदोलनकारियों की समस्‍या जायज है और इसे पूरा कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीणों की समस्‍या का स्‍थाई समाधान हो सके. फिलहाल अंडरपास बनाने को लेकर आंदोलन जारी है. आंदोलनकारी सरकार से उम्‍मीद कर रहे हैं कि जल्‍द उनकी समस्‍या का समाधान हो अब देखना है कि कब ग्रामीणों की मांगे पूरी होती है.