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Rajasthan News:नीट परीक्षा 2024 में एनटीए की ओर से 1563 परीक्षार्थियों को दिए गए ग्रेस मार्क्स पर आज आए फैसले के तहत ग्रेस मार्क वाले छात्रों की वापस से नीट की परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी. फैसले को सही बताते हुए नीट की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि इससे कई परीक्षार्थी, जिन्होंने परीक्षा के लिए मेहनत कर अच्छे अंक हासिल किए थे उन्हें मौका मिलेगा.
इसके साथ ही आगे भी नीट परीक्षा में ग्रेस मार्क्स नहीं होने चाहिए और परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करवाई जानी चाहिए. सीकर की पीसीपी में नीट की तैयारी कर रही छात्रा राजेश कुमारी ने कहा कि एनटीए ने ग्रेस मार्क्स वाले 1563 बच्चों की नीट एग्जाम दोबारा करवाने का निर्णय किया है वह बिल्कुल सही है. इससे जो छात्र कड़ी मेहनत के बाद भी पीछे गए थे उन्हें अवसर मिलेगा.
इसके साथ ही जो 1563 बच्चों में से गलत तरीके से नीट परीक्षा में पास हुए हैं उनका भी पता चल जाएगा. ग्रेस मार्क्स कई बच्चों का नुकसान हुआ है. वापस से इन बच्चों की परीक्षा आयोजित करवाई जानी चाहिए. छात्र साहिल शेख ने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि मेरा मानना है कि नीट परीक्षा में शामिल सभी परीक्षयों की वापस से परीक्षा होनी चाहिए.
नीलम चौधरी का कहना है कि यह फैसला मेरी नजर में बिल्कुल सही है. ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की वापस परीक्षा होने से जो नीट परीक्षा में शामिल होकर अच्छे अंक हासिल करने वाले छात्र है उनको उनका असली हक मिलेगा. जिसके लिए वह हकदार है. उन्होंने कहा करीब 15000 से ज्यादा बच्चों के 720 में से 650 अंक आए हैं लेकिन फिर भी उन्हें कॉलेज नहीं मिलेगा.
इतने अंक लाने के बाद भी छात्रों को मेडिकल कॉलेज नहीं मिलना बड़ी गंभीरता की बात है. परीक्षा में और वही गड़बड़ी पर भी रोक लगनी चाहिए व पारदर्शिका के साथ परीक्षा का आयोजन होना चाहिए. छात्र सुब्रत ने भी कहा ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा वापस करवाना बिल्कुल सही है. ग्रेस मार्क्स को हटाने के फैसले के साथ ही आगामी परीक्षाएं भी पूरी पारदर्शिता के साथ करवाई जानी चाहिए. जिससे भविष्य में देश को अच्छे डॉक्टर मिल सके.